MP BJP Strategy For Gen Z/Image Credit; IBC24.in
MP BJP Strategy For Gen Z: भोपाल: Gen Z आंदोलनों ने सियासी दलों, ख़ास तौर से भाजपा की सोच को भी 360 डिग्री घुमा दिया है। अब पार्टी के लगभग हर निर्णय में पहले युवा और बाद में बुजुर्गों पर फोकस हो रहा है। एमपी में अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भी एक फॉर्मूला बना है। तय किया गया है कि, पार्षद के लिए सिर्फ 30 साल से 50 साल तक के युवाओं को मौका दिया जाए जबकि महापौर और अध्यक्ष जो कि सीधे जनता के जरिए चुने जाएंगे, उसके लिए भी 60 साल से कम उम्र का ही कैंडिडेट दिया जाएगा।
भाजपा की युवाओं को लेकर बैचेनी को कांग्रेस फ़िज़ूल का प्रोपोगेन्डा बता रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार में आए दिन पेपर लीक हो रहे हैं और रोज़गार के अवसर घटे हैं। ऐसे में भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन जेन जी सबक जरूर सिखाएंगे।
MP BJP Strategy For Gen Z: एमपी में बहुत जल्द 16 नगर निगम और 413 नगरीय निकायों में चुनाव होने हैं। सवाल ये कि जिन युवाओं के मन में सरकार को लेकर नाराज़गी है क्या उनकी रूचि चुनाव लड़ने में होगी? क्या सिर्फ युवाओं को मौक़ा देने से जेन जी ख़ुश हो जाएंगे। सवाल ये भी कि जेन जी भले ही कुछ जगह भाजपा से नाराज़ हों.. लेकिन सपोर्ट कांग्रेस को है ऐसा तो उन्होंने नहीं कहा..फिर कांग्रेस जेन जी के समर्थन को लेकर इतने भरोसे में क्यों है। और सबसे बड़ा सवाल ये कि 60 साल पार लोगों का सियासी भविष्य अब क्या होगा?
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