MP Rajya Sabha Chunav Parinam: मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में खिला कमल, निर्विरोध चुने गए बीजेपी के तीनों उम्मीदवार, रिटर्निंग ऑफिसर ने सौंपा प्रमाण पत्र

मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में खिला कमल, निर्विरोध चुने गए बीजेपी के तीनों उम्मीदवार, MP Rajya sabha Chunav Parinam

MP Rajya Sabha Chunav Parinam: मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में खिला कमल, निर्विरोध चुने गए बीजेपी के तीनों उम्मीदवार, रिटर्निंग ऑफिसर ने सौंपा प्रमाण पत्र
Modified Date: June 11, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: June 11, 2026 3:29 pm IST

भोपालः मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बीजेपी के तीनों राज्यसभा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केंवट अब राज्यसभा सदस्य बन गए हैं। बीजेपी के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर ने तीनों को जीत का प्रमाण पत्र दिया है। इसके बाद तीनों ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की। हालांकि तीने प्रत्याशी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी थी। मामले पर चुनाव आयोग ने भी कोई फैसला नहीं दिया है। ऐसे में तीनों सीटों पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही थी।

क्यों रद्द हुआ था कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन!

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जांच (स्क्रूटनी) के दौरान खारिज कर दिया गया है। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक यह मामला 2025 में दर्ज एक शिकायत से जुड़ा है। 20 अगस्त, 2025 को ए। श्रीलता नाम की महिला ने हैदराबाद की मेट्रोपॉलि​टन मजिस्ट्रेट की अदालत में मीनाक्षी नटराजन (आरोपी संख्या-4) और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस आधार पर मीनाक्षी नटराजन और अन्य पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत आरोप लगाए गए। अदालत ने 17 सितंबर, 2025 को मीनाक्षी नटराजन को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके वकील ने 24 अक्टूबर, 2025 को जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसमें मीनाक्षी नटराजन ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया और मामले को खारिज करने की मांग की। अदालत ने 17 नवंबर, 2025 को मामला खारिज करने के बजाय सुनवाई शुरू करने का फैसला किया। यह मामला अभी विचाराधीन है। मीनाक्षी नटराजन ने नॉमिनेशन के वक्त एफिडेविट में इस केस के बारे में जानकारी नहीं दी थी। इसी आधार पर रिटर्निंग ऑफिसर ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की संबंधित धाराओं के उल्लंघन करने के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।