शह मात The Big Debate: आंदोलन खत्म… राजनीति जारी, सड़क के बाद अब संसद की बारी? प्रधान के इस्तीफे के बाद क्या किसी और नाम की रट लगाएगा विपक्ष?

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Opposition On Parliament Monsoon Session 2026: दिल्ली के जतंर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन खत्म हो गया है।

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 11:46 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 11:47 PM IST

Opposition On Parliament Monsoon Session 2026/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • दिल्ली के जतंर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन खत्म हो गया है।
  • सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी की सभी 3 मांगे मान ली हैं।
  • क्या विपक्ष अब सदन चलने देगा, क्या संसद में चर्चा हो पाएगी?

Opposition On Parliament Monsoon Session 2026: भोपाल: दिल्ली के जतंर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन खत्म हो गया है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी हो गया है। सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी की सभी 3 मांगे मान ली हैं। यानी प्रदर्शनकारी हों.. या विपक्ष हो,इनकी सभी बड़ी मागें मान ली गईं है, तो सवाल ये है कि आगे क्या? क्या विपक्ष अब सदन चलने देगा, क्या संसद में चर्चा हो पाएगी? या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष, किसी और के नाम की रट लगाना शुरू कर देगा? क्योंकि विपक्ष लगातार ये भी कह रहा था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही सदन में चर्चा होगी। (Opposition On Parliament Monsoon Session 2026) इधर कॉकरोच जनता पार्टी से भी कुछ सवाल हैं, क्या CJP का प्रोटेस्ट केवल पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित था? या पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे पर वो पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग पाएगा? सवाल ये भी कि कई राज्यों के स्टेट लेवल परीक्षा में भी पेपर लीक हुए, इनमें से कई राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस और विपक्ष की भी सरकार हैं या थी, तो क्या वो इनके खिलाफ भी आंदोलन करेंगे?

Opposition On Parliament Monsoon Session 2026: इधर राहुल गांधी, अमित शाह को लेटर लिखकर छात्रों पर पैलेट गन चलाने वालों पर एक्शन की मांग दोहरा चुके हैं। छत्तीसगढ़ के PCC चीफ ने कहा है कि छग में Gen Z को साथ में आकर लड़ाई लड़नी चाहिए, तो सवाल ये भी है कि क्या अब कांग्रेस अपने प्रदर्शन में Gen Z को ढाल बनाएगी, तो एमपी के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पूछ रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों को पिज्जा बर्गर कौन पहुंचा रहा था, इसकी जांच होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल ये कि आगे का रोडमैप क्या है? क्योंकि असली बदलाव आंदोलन के आगे, नारों से दूर होते हैं और क्या ये प्रदर्शन या ये इस्तीफा उस बदलाव की धुरी बन पाएगा? इन्हीं सवाल के जवाब तलाशने के प्रयास आज हम करेंगे?

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