MP Politics News/Image Credit: IBC24
MP Politics News: भोपाल: जनजातीय समाज का जिक्र पुराणों में भी है, वे इस दुनिया में हमसे पहले से हैं, तभी तो आदिवासी कहे जाते हैं, लेकिन अब उनकी नई पहचान को लेकर सियासी खींचतान शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उससे जुडी इकाइयां चाहती हैं कि अगले साल फरवरी में होने वाली जनगणना में वे धर्म में कॉलम में अपने लिए हिन्दू लिखें। इसके लिए गांवों से लेकर शहरों तक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। तर्क दिया जा रहा है कि हिन्दू विरोधी ताकतों को रोकने के लिए ऐसा किया जाना ज़रूरी है। ज़ाहिर है कि जब बीजेपी के शिल्पकार.. उन्हें गढ़ने वाले RSS का कोई आयोजन होगा तो बीजेपी का सुर भला उससे अलग कैसे होगा।
कांग्रेस हरसंभव प्रयास यही कर रही है- आदिवासी ख़ुद को हिन्दू प्रचारित न कर पाएं..नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार तो कई रैलियों में खुलकर ये कहते हैं कि आदिवासी कतई ख़ुद को हिन्दू न मानें..कांग्रेस ने हवा में एक आरोप उछाला है कि यदि आदिवासियों ने ख़ुद को हिन्दू बना लिया, तो उन्हें मिलने वाली सुविधाएं छिन जाएंगीं।
MP Politics News: ये सारी कवायद न आदिवासियों की संस्कृति को बचाने के लिए है और ना ही उनका गौरव बचाने को खेल सारा वोट बैंक का है। भाजपा की ज़मीन तैयार करने वाले संगठन को भी पता है कि एमपी की 47 ST सीटों में से 22 पिछले चुनाव में कांग्रेस के पास गईं थीं। मालवा जो संघ की प्रयोगशाला कहा जाता है।
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