दूषित पेयजल संकट : विजयवर्गीय ने मीडिया के सामने आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किया, बाद में खेद जताया

दूषित पेयजल संकट : विजयवर्गीय ने मीडिया के सामने आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किया, बाद में खेद जताया

दूषित पेयजल संकट : विजयवर्गीय ने मीडिया के सामने आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किया, बाद में खेद जताया
Modified Date: January 1, 2026 / 05:18 pm IST
Published Date: January 1, 2026 5:18 pm IST

इंदौर, एक जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में दूषित पेयजल संकट के बारे में एक टीवी पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर कैमरे के सामने एक आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करके राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है।

यह घटना बुधवार देर रात उस समय हुई जब राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले डायरिया के प्रकोप के संबंध में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

डायरिया मामले में आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या चार बताई गई है और 212 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र के निवासियों का दावा है कि अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

 ⁠

एनडीटीवी के पत्रकार अनुराग द्वारी ने प्रभावित इलाके से लौट रहे मंत्री से पूछा कि निजी अस्पतालों को चुकाये गये बिल का भुगतान निवासियों को क्यों नहीं किया गया और इस इलाके के नागरिकों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई है?

अपने समर्थकों और अधिकारियों से घिरे मंत्री ने पत्रकार पर नाराजगी दिखाते हुए कहा, ‘‘छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो।’’

जब पत्रकार ने इस सवाल का जवाब देने के लिए दबाव बनाया तो पत्रकार और विजयवर्गीय के बीच बहस हो गई जिसके बाद मंत्री ने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया।

इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया।

वीडियो में मंत्री को पत्रकार के सवाल को खारिज करने के लिए ‘‘घंटा’’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है। इस शब्द का इस्तेमाल बोलचाल में अक्सर ‘बकवास’ या ‘बेकार की बात’ के अर्थ में किया जाता है।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विजयवर्गीय ने बयान जारी करके खेद जताया।

उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, ‘‘मैं और मेरी टीम पिछले दो दिन से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए। इस गहरे दु:ख की स्थिति में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे मुंह से गलत शब्द निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं।’’

इस बीच, कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के विवादास्पद वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा, ‘‘इंदौर में दूषित पानी पीने से मौतों की संख्या आठ से बढ़कर 10 हो गई है।’’

उन्होंने भाजपा नेताओं पर अहंकारी होने का आरोप लगाया और मांग की कि मुख्यमंत्री मोहन यादव नैतिक आधार पर विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगें।

यादव ने बुधवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले डायरिया के प्रकोप को ‘आपात स्थिति’ बताया था और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

उन्होंने बताया था कि 212 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 50 को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश


लेखक के बारे में