Diesel Theft From Police Station: थाने में जब्त टैंकर से गायब हो गया 2000 लीटर डीजल, गाड़ी मालिक ने पूछा पुलिस वालों ने कहा- उड़ गए तो हम क्या करें
Diesel Theft From Police Station: थाने में जब्त टैंकर से गायब हो गया 2000 लीटर डीजल, गाड़ी मालिक ने पूछा पुलिस वालों ने कहा- उड़ गए तो हम क्या करें
Diesel Theft From Police Station: थाने में जब्त टैंकर से गायब हो गया 2000 लीटर डीजल, गाड़ी मालिक ने पूछा पुलिस वालों ने कहा- उड़ गए तो हम क्या करें / Image: IBC24
- जब्त टैंकर से 2000 लीटर डीजल रहस्यमयी तरीके से गायब
- वाहन मालिक के पूछने पर पुलिस ने कहा- “डीजल उड़ गया”
- जुर्माना भरने के बाद भी मालिक को नुकसान, अब कार्रवाई की मांग
मऊगंज: Diesel Theft From Police Station सरकार ने देश के चुनिंदा लोगों को खाकी वर्दी पहनाकर कानून का रखवाला बनाया है, लेकिन कई बार खाकीवर्दी धारी ही ऐसा कांड कर देते हैं कि पूरा पुलिस प्रशासन कटघरे में आ खड़ा होता है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले से सामने आया है, जहां थाने में खड़े टैंकर से 2000 लीटर डीजल रहस्मयी तरीके से गायब हो गया। हैरानी की बात तो ये है कि जब डीजल गायब होने के बारे में वाहन मलिक ने पूछताछ की तो जवाब मिला सारे डीजल उड़ गए।
थाने से गायब हुआ 2000 लीटर डीजल
Diesel Theft From Police Station मिली जानकारी के अनुसार मामला साल 2022 का है, जब पुलिस की टीम ने मऊगंज निवासी सुमित कुमार गुप्ता के टैंकर को अवैध डीजल परिवहन के आरोप में जब्त किया था। इस दौरान टैंकर में 2000 लीटर डीजल मौजूद था। जब्त वाहन का मामला डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पहुंचा, जहां सुमीत गुप्ता ने लंबी लड़ाई लड़ी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट के आदेश पर सुमित गुप्ता ने 1 लाख 81 हजार 630 रुपए का जुर्माना जमा किया। कोर्ट में जुर्माने की राशि अदा करने के बाद सुमित इस बात की उम्मीद थी कि अब उसकी गाड़ी और डीजल दोनों मिल जाएगा। लेकिन जैसे ही वह थाने पहुंचा तो देखा कि टैंकर बाहर से बंद था, ताला भी सही सलामत था, लेकिन अंदर से पूरा डीजल गायब था।
थाने में कहा- उड़ गया डीजल
सुमित के मुताबिक, उसे थाने से बताया गया कि डीजल उड़ गया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कड़ी सुरक्षा और बंद टैंकर के बावजूद 2000 लीटर डीजल आखिर गया कहां? क्या यह लापरवाही है या फिर भ्रष्टाचार का मामला? इस पूरे घटनाक्रम में हनुमना थाना प्रभारी अनिल काकड़े पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उनके कार्यकाल में पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं।
कटघरे में खाकी के रखवाले
पीड़ित सुमित गुप्ता का कहना है कि उसे न सिर्फ आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल, मऊगंज पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
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