मप्र में फिर ‘हनी ट्रैप’ जैसे गिरोह की आहट, तीन महिलाओं और पुलिस आरक्षक समेत सात गिरफ्तार

मप्र में फिर ‘हनी ट्रैप’ जैसे गिरोह की आहट, तीन महिलाओं और पुलिस आरक्षक समेत सात गिरफ्तार

मप्र में फिर ‘हनी ट्रैप’ जैसे गिरोह की आहट, तीन महिलाओं और पुलिस आरक्षक समेत सात गिरफ्तार
Modified Date: May 21, 2026 / 07:36 pm IST
Published Date: May 21, 2026 7:36 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 21 मई (भाषा) इंदौर में एक शराब कारोबारी के निजी फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे एक करोड़ रुपये वसूलने की कोशिश के आरोप में तीन महिलाओं और एक पुलिस आरक्षक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में शामिल एक महिला राज्य में सात साल पहले उजागर ‘हनी ट्रैप’ मामले में भी आरोपी रह चुकी है। नतीजतन किसी नये ‘हनी ट्रैप’ गिरोह के सक्रिय होने के संदेह के मद्देनजर पुलिस ताजा घटनाक्रम की विस्तृत जांच में जुट गई है।

वर्ष 2019 में सामने आए ‘हनी ट्रैप’ मामले ने राज्य के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में एक संगठित गिरोह ने धनवान व्यक्तियों और ऊंचे ओहदों पर बैठे लोगों को महिलाओं के जरिये जाल में फंसाकर उगाही की थी।

पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजेश कुमार त्रिपाठी ने संवाददाताओं को बताया कि शहर में शराब और रीयल एस्टेट के कारोबार से जुड़े व्यक्ति की शिकायत पर जांच के बाद मुख्य आरोपी अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी, श्वेता जैन, जितेंद्र पुरोहित, रेशू चौधरी और पुलिस आरक्षक विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

त्रिपाठी के मुताबिक कारोबारी ने शिकायत में कहा कि अलका ने उसके व्यवसाय में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने का प्रस्ताव रखा था।

उन्होंने कहा,‘‘कारोबारी को जब पता चला कि अलका के खिलाफ पहले से 16-17 आपराधिक मामले दर्ज हैं, तो उसने इस महिला के साथ कारोबार में साझेदारी से इनकार कर दिया।’’

डीसीपी के अनुसार कारोबारी ने शिकायत में आरोप लगाया कि अलका और उसके साथियों ने सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में उसे रोककर उससे एक करोड़ रुपये मांगे और रकम नहीं चुकाने पर उसके निजी फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों में शामिल श्वेता जैन को वर्ष 2019 में उजागर हनी ट्रैप मामले में भी गिरफ्तार किया गया था।

डीसीपी ने बताया कि अलका और श्वेता की मुलाकात जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी।

उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सागर निवासी महिला रेशू चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया।

त्रिपाठी ने कहा, ‘‘तकनीकी सबूतों के आधार पर हमें पता चला है कि कारोबारी से धन वसूली की साजिश में तीनों महिलाएं शामिल थीं।’’

रेशू चौधरी के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े होने संबंधी खबरों पर डीसीपी ने कहा कि इस बारे में जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल शराब कारोबारी के अलावा कोई और शिकायतकर्ता पुलिस के पास नहीं पहुंचा है, हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है।

भाषा

हर्ष रवि कांत


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