Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit: किसानों के भविष्य पर होगा बड़ा फैसला, आज इंदौर में जुटेंगे ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री, शिवराज सिंह ने बताया किन मुद्दों पर होगा मंथन
Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit: इंदौर में 9 से 13 जून तक BRICS कृषि मंत्रियों और कृषि कार्य समूह की महत्वपूर्ण बैठक होगी।
Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit /Photo Credit: IBC24
- इंदौर में 9 से 13 जून तक BRICS कृषि कार्य समूह और कृषि मंत्रियों की बैठक होगी
- कृषि नवाचार और छोटे किसानों के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रहेगा
- कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग बढ़ाने और साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जाएगा
भोपाल/इंदौर/नई दिल्ली। Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit: मध्य प्रदेश 9 से 13 जून तक वैश्विक कृषि कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है, जहां ब्रिक्स (BRICS) कृषि कार्य समूह और सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अध्यक्षता में हो रहा यह आयोजन खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि, छोटे किसानों के सशक्तिकरण और कृषि नवाचार जैसे वैश्विक मुद्दों पर ठोस दिशा तय करेगा। आज भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस आयोजन को भारत और विशेष रूप से इंदौर सहित मध्य प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए इसकी रूपरेखा साझा की।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देश विश्व के विकासशील देशों की एक प्रभावशाली आवाज हैं। इन देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और वैश्विक कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि विश्व के करीब 58 करोड़ किसानों में से लगभग 70 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान ब्रिक्स देशों में रहते हैं। ऐसे में इन देशों के बीच होने वाला कृषि संवाद न केवल सदस्य देशों बल्कि पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सोच कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसका दायरा खाद्य और पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि, रोजगार सृजन और सतत विकास तक विस्तारित है।
Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit भारत की अध्यक्षता के दौरान 2016 में स्थापित ब्रिक्स एग्रीकल्चरल रिसर्च प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मंच आज अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। भारत की अध्यक्षता में अब तक कृषि कार्य समूह की आठ बैठकों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालन, पशुपालन, कृषि व्यापार और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ है। इंदौर में होने वाली बैठकों में इन विषयों को और आगे बढ़ाते हुए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
शिवराज सिंह ने बताया कि बैठक का मुख्य फोकस लघु और सीमांत किसानों पर रहेगा। चौहान ने कहा कि छोटे किसानों के सामने जोत का छोटा आकार, सीमित संसाधन और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत घटाने, अनुसंधान के लाभों को किसानों तक पहुंचाने, कृषि ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बाजार कनेक्टिविटी मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यबल में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, जबकि युवा नई तकनीकों और नवाचार को तेजी से अपनाने में सक्षम हैं। 12 जून को “महिलाओं और युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी।
Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की चार प्रमुख प्राथमिकताओं में खाद्य सुरक्षा और पोषण, कृषि व्यापार एवं सहयोग, जलवायु अनुकूल और सतत कृषि तथा नवाचार और अनुसंधान साझेदारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और बाजार पहुंच को बढ़ाना आवश्यक है।
जलवायु परिवर्तन को कृषि के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा और अत्यधिक वर्षा जैसी स्थितियां किसानों को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में रीजेनेरेटिव फार्मिंग, क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि मिट्टी और पर्यावरण की गुणवत्ता भविष्य के लिए सुरक्षित रह सके।
खाद्य अपव्यय को भी एक बड़ी वैश्विक समस्या बताते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि हर वर्ष लगभग एक अरब टन खाद्यान्न बर्बाद होता है, जो न केवल संसाधनों की हानि है बल्कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का भी एक प्रमुख कारण है। इस दिशा में भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन में सुधार के उपायों पर चर्चा होगी।
Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देकर आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। साथ ही एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के माध्यम से वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और अन्य सुविधाओं के विकास को गति दी जा रही है, जिसका दायरा अब बढ़ाकर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये किया गया है।
भारत में प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में कृषि क्षेत्र में डिजिटल और तकनीकी क्रांति का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश में अब तक 9.80 करोड़ किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं। इससे किसानों की जानकारी एकीकृत रूप में उपलब्ध हो रही है और योजनाओं, ऋण तथा अन्य सेवाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सलाह, संसाधन प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है।
शिवराज सिंह ने बताया कि बैठक के कार्यक्रम के तहत 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की अधिकारी स्तर की बैठकें होंगी, जबकि 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इस दौरान एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें भविष्य के सहयोग और साझा रणनीति का खाका प्रस्तुत किया जाएगा।
Shivraj Singh Chouhan On BRICS Summit उन्होंने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सांस्कृतिक रूप से भी विशेष स्वरूप दिया गया है। ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों को इंदौर और मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, खानपान और परंपराओं से परिचित कराया जाएगा। राजवाड़ा, 56 दुकान और मांडू जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण कार्यक्रम में शामिल है। इसके अलावा ‘ब्रिक्स वाटिका’ के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा।
शिवराज सिंह ने कहा कि यह आयोजन न केवल कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को नई दिशा देगा, बल्कि भारत की नेतृत्व क्षमता और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर में होने वाली यह बैठक कृषि के क्षेत्र में ठोस परिणाम और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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