आदिवासी समाज स्वाभिमान और धैर्य के साथ जीवन जीता है : राष्ट्रपति मुर्मू
आदिवासी समाज स्वाभिमान और धैर्य के साथ जीवन जीता है : राष्ट्रपति मुर्मू
बैतूल (मध्य प्रदेश), 18 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि आदिवासी समाज स्वाभिमान और धैर्य के साथ जीवन जीता है तथा अपनी समस्याओं के बारे में किसी से कुछ नहीं कहता।
राष्ट्रपति मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आध्यात्मिक संस्था ब्रह्मकुमारी द्वारा आयोजित ‘आध्यात्मिक जागरण द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘आदिवासी समाज स्वाभिमान और धैर्य के साथ जीवन जीता है तथा अपनी समस्याओं के बारे में किसी को नहीं बताता। वे कभी किसी से कुछ मांगते नहीं हैं और प्रकृति के साथ रहते हुए इस आशा में जीवन जीते हैं कि समय के साथ उन्हें सब कुछ मिल जाएगा। वे शांति के साथ जीवन जीना पसंद करते हैं।’’
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। भारतीय जीवन-दर्शन के अनुसार वास्तविक सशक्तीकरण तब होता है, जब आर्थिक विकास के साथ-साथ समाज अन्य क्षेत्रों में भी सशक्त बने।
उन्होंने कहा कि आज की तेज रफ्तार और उपभोगवादी संस्कृति से प्रेरित दुनिया में समाज के प्रत्येक वर्ग में आध्यात्मिक चेतना का होना अत्यंत आवश्यक है।
मुर्मू ने कहा कि इससे दीर्घकालिक और टिकाऊ व्यवहार तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशील जीवनशैली विकसित करने का आधार तैयार होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण और युद्धग्रस्त वैश्विक परिस्थितियों में इसकी आवश्यकता पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गई है।
अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति मुर्मू मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह ओंकारेश्वर में पूजा-अर्चना करेंगी और चीता परियोजना की प्रगति देखने के लिए प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क का भी दौरा करेंगी।
भाषा दिमो
मनीषा
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