उज्जैन : महाकाल मंदिर में कांवड़ियों के समूह ने सुरक्षाकर्मियों से की मारपीट, जांच शुरू

उज्जैन : महाकाल मंदिर में कांवड़ियों के समूह ने सुरक्षाकर्मियों से की मारपीट, जांच शुरू

उज्जैन : महाकाल मंदिर में कांवड़ियों के समूह ने सुरक्षाकर्मियों से की मारपीट, जांच शुरू
Modified Date: August 26, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: August 26, 2026 9:26 pm IST

उज्जैन, 26 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार दोपहर कांवड़ियों के एक समूह ने सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था का उल्लंघन करते हुए जबरन गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश की और इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई और मारपीट भी हुई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि कांवड़ियों के हमले में मंदिर परिसर में तैनात निजी सुरक्षा एजेंसी के छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इस घटना के बाद महाकाल थाने में इंदौर निवासी सचिन मराठा सहित 30-40 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मराठा, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के इंदौर विभाग के द्वारिका जिला मंत्री हैं। वह कांवड़ियों के एक समूह के साथ इंदौर से उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए थे।

विहिप के इंदौर के एक पदाधिकारी ने भी मराठा के संगठन से जुड़े होने की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है।

महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि घटना बुधवार दोपहर उस समय हुई, जब कुछ दर्शनार्थी मंदिर परिसर के नंदी कक्ष में जबरन धक्का-मुक्की और मारपीट करते हुए गर्भगृह में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि दर्शनार्थियों को रोकने के प्रयास में छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इनमें से चार को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि दो को गंभीर चोटें आई हैं।

बादल ने बताया कि सचिन मराठा और अन्य 30-40 लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और अन्य आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 191(2), 115(2), 296(बी), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि मंदिर समिति ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है।

उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

कौशिक ने कहा, ‘‘मंदिर प्रबंध समिति यह स्पष्ट करती है कि धार्मिक आस्था की आड़ में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़, अवरोधकों को तोड़ना, मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करना अथवा निर्धारित दर्शन व्यवस्था का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से मंदिर की सुरक्षा एवं दर्शन व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने तथा निर्धारित मार्ग और नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन करने की अपील की है।

भाषा

सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत


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