बच्चों से भीख मंगवाकर महिला ने कमाए लाखों रुपए, एनएचआरसी ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

बच्चों से भीख मंगवाकर महिला ने ‘लाखों रुपये’ कमाए, एनएचआरसी ने मप्र सरकार से मांगी रिपोर्ट NHRC seeks answer from Madhya Pradesh government

बच्चों से भीख मंगवाकर महिला ने कमाए लाखों रुपए, एनएचआरसी ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

NHRC seeks answer from Madhya Pradesh government

Modified Date: February 15, 2024 / 09:30 pm IST
Published Date: February 15, 2024 7:27 pm IST

इंदौर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्यप्रदेश के इंदौर में 40 वर्षीय महिला द्वारा अपने बच्चों से भीख मंगवाकर कथित तौर पर महज 45 दिन में ढाई लाख रुपये कमाने से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करके चार हफ्ते के भीतर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। एनएचआरसी की बृहस्पतिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि अगर संबंधित मीडिया रिपोर्ट की सामग्री सही है, तो यह बच्चों के मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन का मामला है।

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विज्ञप्ति में कहा गया कि भिक्षावृत्ति को लेकर गिरफ्तार महिला कथित तौर पर बार-बार यही अपराध करने वाली है और यह बात दर्शाती है कि राज्य में संबंधित अधिकारी सतर्क नहीं हैं जिससे छोटे बच्चे अपने परिवार के सदस्यों तक के उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। एनएचआरसी ने बाल भिक्षावृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा,‘‘जिस उम्र में छोटे बच्चों को विद्यालय जाना चाहिए और अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, उस उम्र में वे जीवन जीने के अनैतिक तरीके अपनाने के लिए मजबूर होते हैं।’’

विज्ञप्ति में बताया गया कि एनएचआरसी ने राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए ताकीद की है कि इस रिपोर्ट में बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए अब तक उठाए गए और आगे उठाए जाने वाले कदमों का ब्योरा भी होना चाहिए। विज्ञप्ति के मुताबिक एनएचआरसी ने राज्य के अधिकारियों को छोटे बच्चों के मामलों में किशोर न्याय अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई के बारे में सूचित किए जाने का निर्देश भी दिया है। विज्ञप्ति में कहा गया,‘‘एनएचआरसी जानना चाहेगा कि क्या भिखारियों की संख्या, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई और उनके पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों का पता लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हाल ही में कोई सर्वेक्षण किया गया है?’’

विज्ञप्ति में रेखांकित किया गया है कि भिक्षावृत्ति पर रोक के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कोई कानून नहीं है, लेकिन राज्य में मध्यप्रदेश भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम 1973 लागू किया गया है। इंदौर को भिक्षुकमुक्त शहर बनाने की दिशा में काम करने वाले संगठन ‘‘प्रवेश’’ की अध्यक्ष रूपाली जैन का दावा है कि 40 वर्षीय महिला ने महज 45 दिन में भीख मांगकर 2.5 लाख रुपये कमाए और वह अपनी आठ वर्षीय बच्ची बेटी समेत तीन नाबालिग संतानों को भी भिक्षावृत्ति में धकेल चुकी है। जैन का दावा है कि इंदौर में पेशेवर तौर पर भीख मांगने वाले 150 लोगों के समूह में शामिल महिला के परिवार के पास राजस्थान में जमीन, दो मंजिला मकान और मोटरसाइकिल भी है।

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उन्होंने कहा कि महिला के पांच बच्चों में से दो बच्चे राजस्थान में हैं और वह तीन बच्चों के साथ इंदौर में भीख मांग रही थी। जैन ने बताया कि अपने परिवार द्वारा भिक्षावृत्ति में धकेले गए इन बच्चों में शामिल आठ साल की लड़की को बाल कल्याण समिति की निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिला के दो बेटे भिक्षावृत्ति उन्मूलन दल को देखकर गायब हो गए जिनकी उम्र नौ वर्ष और 10 वर्ष है।

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