शिवसेना विधायकों ने अहीर को विधान परिषद के लिए चुना था; अब उपसभापति के लिए उनका समर्थन करेंगे: शिंदे
शिवसेना विधायकों ने अहीर को विधान परिषद के लिए चुना था; अब उपसभापति के लिए उनका समर्थन करेंगे: शिंदे
मुंबई, 30 जून (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को शिवसेना (उबाठा) के विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर की तारीफ करते हुए उन्हें जमीनी स्तर का कार्यकर्ता बताया, जिनके पार्टी कार्यकर्ताओं से करीबी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ के साथ जुड़ने का उनका फैसला शिवसेना को मजबूत करेगा।
इससे पहले दिन में, आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी अहीर ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन के समर्थन से महाराष्ट्र विधान परिषद के उप-सभापति पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करके सबको चौंका दिया।
शिंदे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘शिवसेना के विधायकों ने पहले सचिन अहीर को विधान परिषद के लिए चुना था और अब सत्ताधारी पार्टी विधानपरिषद के उप-सभापति पद के लिए उनका समर्थन कर रही है।”
उन्होंने कहा कि पूर्व राज्य मंत्री अहीर ने भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के समर्थन से उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है और गठबंधन के सदस्यों की संख्या को देखते हुए उनके आसानी से चुने जाने की उम्मीद है।
परिषद के उप-सभापति पद के लिए चुनाव एक जुलाई को होना है।
शिंदे ने कहा, “जब अहीर एमएलसी बने, तो हमारे विधायकों ने ही उन्हें मत दिया था। उन्हें (राज्य विधानसभा के) उच्च सदन के लिए शिवसेना के उन विधायकों ने चुना था जो ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न पर जीते थे। वह (अहीर) अब भी हमारे साथ हैं।”
विधान भवन के रिकॉर्ड के अनुसार, एमएलसी के तौर पर अहीर के छह साल के कार्यकाल में अब भी दो साल बाकी हैं।
शिंदे ने अहीर को जमीनी स्तर का कार्यकर्ता बताया, जिनके पार्टी कार्यकर्ताओं से करीबी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि अहीर के इस फैसले से मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में शिवसेना मजबूत होगी।
उन्होंने कहा, “शिवसेना हमेशा से कार्यकर्ताओं की पार्टी रही है और सचिन अहीर सबको साथ लेकर चलने वाले हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं और उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।”
शिवसेना (उबाठा) नेताओं -उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे- की इस टिप्पणी पर कि यह “ऑपरेशन टाइगर” नहीं, बल्कि “ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस” था, शिंदे ने दावा किया कि 2019 में फडणवीस ने उद्धव को “50 कॉल” किए थे, लेकिन किसी का भी जवाब नहीं दिया गया।
शिंदे ने कहा, “मैं इसका गवाह हूं। महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार के दौरान, ‘या तो आप बचेंगे या मैं’ जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था। झूठे मामले दर्ज किए गए और पुलिस को (फडणवीस के) ‘सागर’ बंगले पर भेजा गया। अब, वह (उद्धव) अचानक फडणवीस के लिए चिंता जता रहे हैं। ये घड़ियाली आंसू हैं और फडणवीस यह बात अच्छी तरह जानते हैं।”
उद्धव का नाम लिये बिना, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने “कभी किसी को इतनी तेज़ी से रंग बदलते नहीं देखा”।
इस बीच, अहीर ने उनपर भरोसा जताने के लिए शिंदे का शुक्रिया अदा किया और कहा कि जमीनी स्तर की पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्हें यह इनाम मिला है।
उन्होंने कहा, “कुछ लोग मेरी आलोचना करेंगे, लेकिन जो लोग अलग राय रखते हैं, उनकी आलोचना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं राजनीतिक टिप्पणियों का जवाब किसी अलग मंच पर दूंगा।”
आदित्य ठाकरे पर तंज कसते हुए अहीर ने कहा कि जब कोई पार्टी में शामिल होता है तो उसका स्वागत किया जाता है, लेकिन जब कोई पार्टी छोड़ता है तो उसे स्वार्थी कहा जाता है।
भाषा प्रशांत सुरेश
सुरेश

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