अजित पवार की ओर से मुफ्त बस और मेट्रो सेवा के संबंध में किये गए वादे भ्रामक : चंद्रकांत पाटिल

अजित पवार की ओर से मुफ्त बस और मेट्रो सेवा के संबंध में किये गए वादे भ्रामक : चंद्रकांत पाटिल

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 07:04 PM IST

पुणे, 10 जनवरी (भाषा)महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को पुणे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा मुफ्त बस और मेट्रो सेवाओं की घोषणा को भ्रामक बताया।

भाजपा नेता राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता एवं उप मुख्यमंत्री अजित पवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले द्वारा 15 जनवरी को होने वाले पुणे महानगरपालिका चुनावों के लिए संयुक्त घोषणापत्र जारी करने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा नीत ‘महायुति’ का घटक होने के बावजूद राकांपा विपक्षी महा विकास आघाडी के घटक राकांपा(शप) ने पुणे और पिंपरी चिंचवड नगर निकायों के 15 जनवरी को होने वाले चुनावों के लिए गठबंधन किया है।

अजित और सुले के दलों द्वारा जारी संयुक्त घोषणापत्र में पुणे में स्वास्थ्य सेवा, यातायात में राहत, जल आपूर्ति और किफायती सार्वजनिक परिवहन, जिसमें मुफ्त मेट्रो यात्रा और महानगरपालिका द्वारा संचालित बस सेवाएं शामिल हैं, को बढ़ावा देने का वादा किया गया है।

पाटिल ने कहा, ‘‘अजित पवार की मुफ्त बस और मेट्रो सेवाओं की घोषणा भ्रामक है। दादा (पवार) ने शायद गलती से ऐसा कह दिया हो। उन्होंने एक बार कहा था कि बिजली 99 रुपये में मिलेगी और बाद में इसे प्रकाशन की त्रुटि बताया था। किसी को उनसे इस घोषणा के बारे में दोबारा पूछना चाहिए।’’

पाटिल ने कहा, ‘‘यह अच्छी बात है कि राकांपा के दोनों गुट एक साथ आ गए हैं, लेकिन यह देखना बाकी है कि वे अपने गठबंधन को क्या नाम देते हैं, ताकि वह उपयुक्त लगे।’’

भाजपा नेता ने सवाल किया, ‘‘पूरे महाराष्ट्र में सभी को रियायत के तौर पर मुफ्त बस सेवा दी जानी चाहिए। ऐसी रियायतें होनी चाहिए, लेकिन इसकी घोषणा अकेले अजित पवार ही क्यों करें?’’

राज्य और केंद्र में भाजपा के साथ सत्ता में होने के बावजूद, अजित पवार स्थानीय भाजपा नेतृत्व को निशाना बना रहे हैं और उन पर दोनों सरकारों से पर्याप्त धनराशि प्राप्त करने के बावजूद पुणे और पिंपरी चिंचवड के विकास को पटरी से उतारने का आरोप लगा रहे हैं।

भाजपा 2017 से 2022 तक दोनों नगर निकायों में सत्ता में थी।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप