पुणे, 26 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि बारामती विमान दुर्घटना की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह साजिश थी या आपराधिक लापरवाही। इस दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
सीआई के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) सुनील रामानंद ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि घटना की जांच विस्तृत और पेशेवर तरीके से की जा रही है।
रामानंद ने कहा, ‘‘सीआईडी जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि विमान दुर्घटना में कोई गड़बड़ी तो नहीं की गयी थी। इसमें यह भी जांच की जाएगी कि क्या कोई आपराधिक लापरवाही हुई थी और तीसरा यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या किसी आपराधिक कृत्य को अंजाम तो नहीं दिया गया, जैसे कोई जरूरी कार्य को नहीं किया गया हो जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।’’
उन्होंने कहा कि वायुयान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की रिपोर्ट पूरी होने के बाद, उसके निष्कर्षों को सीआईडी जांच में शामिल किया जाएगा।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने कई सबूत एकत्र किए हैं।’’
उन्होंने कहा कि अगर जांच में लापरवाही या साजिश सहित कोई भी आपराधिक पहलू साबित होता है, तो सीआईडी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करेगी।
उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच की मांग करते हुए केंद्र को पत्र भी लिखा है।
‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा संचालित लियरजेट 45 विमान (वीटी-एसएसके) 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।
विमान हादसे के बाद शुरू में बारामती तालुका थाने में आकस्मिक मृत्यु की शिकायत दर्ज की गई थी और बाद में मामले को आगे की जांच के लिए सीआईडी को स्थानांतरित कर दिया गया था।
भाषा यासिर माधव
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