आंध्र प्रदेश : चंद्रबाबू नायडू ने दिए 5,000 मंदिरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
आंध्र प्रदेश : चंद्रबाबू नायडू ने दिए 5,000 मंदिरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
अमरावती, दो सितंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) और धर्मादा विभाग के अधिकारियों को राज्यभर में 5,000 मंदिरों के निर्माण में तेजी लाने तथा इनके लिए स्थान जल्द से जल्द तय करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीटीडी को हिंदू धर्म और आध्यात्मिकता के प्रचार-प्रसार से जुड़े अपने कार्यक्रमों का विस्तार करना चाहिए और प्रस्तावित स्थलों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद मंदिरों का निर्माण कार्य शुरू कर देना चाहिए।
नायडू ने मंगलवार देर रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अधिकारियों को राज्यभर में 5,000 मंदिरों के निर्माण में तेजी लानी चाहिए और जल्द से जल्द इनके स्थल तय करने चाहिए।’’
समीक्षा बैठक के दौरान टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी मुद्दादा रवि चंद्र ने बताया कि 28 जिलों के 161 विधानसभा क्षेत्रों से 4,192 मंदिरों के निर्माण के प्रस्ताव मिले हैं, जबकि 967 मंदिरों का निर्माण पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि मंदिरों का निर्माण तीन श्रेणियों के तहत किया जाएगा। इनमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की बस्तियों, मछुआरा बस्तियों, कमजोर वर्गों की बस्तियों और सामान्य क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि मंदिरों के लिए स्थल तय होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सकती है। नायडू ने मंदिर निर्माण और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए श्रीवाणी ट्रस्ट से प्राप्त धन का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि 11.8 लाख श्रीवारी सेवा स्वयंसेवक हैं और नवनिर्मित मंदिरों में उनकी सेवाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बोर्ड सदस्यों, श्रद्धालुओं और श्रीवारी सेवा स्वयंसेवकों वाली कार्यकारी समितियां गठित करने की संभावना पर विचार करने का निर्देश दिया।
नायडू ने अन्य राज्यों की राजधानियों में संबंधित सरकारों से परामर्श कर भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर बनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मॉरीशस जैसे देश भी भगवान वेंकटेश्वर के मंदिरों के निर्माण की मांग कर रहे हैं और श्रीवारी मंदिरों को हिंदुओं के आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
उन्होंने मंदिरों के लिए आवश्यक पुजारियों के प्रशिक्षण हेतु विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने तथा मूर्तियों की स्थापना और पुजारियों के प्रशिक्षण के लिए व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने 1,000 मौजूदा प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का भी आदेश दिया और राज्य में शिव मंदिरों तथा शक्तिपीठों के विकास पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया।
उन्होंने राज्यभर के मंदिरों का विस्तृत ब्योरा डिजिटल रूप में तैयार करने तथा धर्मादा विभाग के 28,000 मंदिरों, टीटीडी के 65 मंदिरों और नवनिर्मित किए जाने वाले 5,000 मंदिरों के प्रबंधन के लिए अग्रिम योजना बनाने का निर्देश दिया।
भाषा
मनीषा देवेंद्र
देवेंद्र

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