आंध्र प्रदेश के मंडल परिषद उपचुनाव में लोकतंत्र की ‘हत्या’ हुई : जगन मोहन रेड्डी
आंध्र प्रदेश के मंडल परिषद उपचुनाव में लोकतंत्र की 'हत्या' हुई : जगन मोहन रेड्डी
अमरावती, छह जनवरी (भाषा) युवजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने मंडल परिषद अध्यक्ष (एमपीपी) उपचुनावों के दौरान डराने-धमकाने और हिंसा की घटनाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश में छोटे स्थानीय निकाय चुनाव जीतने के लिए भी लोकतंत्र की ‘हत्या’ की जा रही है।
नेल्लोर और अनंतपुर जिलों के विंजामुरु और बोम्मनहल्ली मंडल परिषद अध्यक्ष उपचुनावों का जिक्र करते हुए जगन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘एक छोटे से मंडल परिषद चुनाव में भी जिस तरह से लोकतंत्र की बेरहमी से हत्या की जा रही है, वह तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की मनमानी और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के खतरनाक स्वभाव को उजागर करता है। उन्होंने चुनाव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय शक्ति प्रदर्शन का जरिया बना दिया है।’
वाईएसआरसीपी ने विंजामुरु और बोम्मनहल्ली उपचुनावों को रद्द करने और स्वतंत्र व निष्पक्ष माहौल में दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री जगन ने सोमवार को आरोप लगाया कि नेल्लोर जिले के उदयगिरि निर्वाचन क्षेत्र में वाईएसआरसीपी के उम्मीदवारों को रोका गया, उन पर हमला किया गया और उन्हें वोट डालने से रोका गया।
उन्होंने कहा कि एक महिला एमटीपीसी उम्मीदवार लहूलुहान हो गई, जबकि एक अन्य सदस्य का अपहरण कर लिया गया और एक अन्य को पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
जगन के अनुसार, इन घटनाओं का मकसद निर्वाचित प्रतिनिधियों को वोट देने से रोकना था, जो ‘डर और ताकत के दम पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की एक साजिश’ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ‘मूकदर्शक’ बनी रही और गठबंधन सरकार के नेताओं के दबाव में काम करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा करने में नाकाम रही।
रेड्डी ने कहा कि ऐसी ही स्थिति रायदुर्गम निर्वाचन क्षेत्र में भी रही, जहां वाईएसआरसीपी के सदस्यों को कथित तौर पर कैद कर लिया गया ताकि मंडल परिषद अध्यक्ष का चुनाव जबरन पूरा किया जा सके।
फिलहाल, सत्ताधारी तेदेपा की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
भाषा सुमित अविनाश
अविनाश

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