सुरक्षा गार्ड पर हमला: आरोपी के घर से इस्लामिक स्टेट के उल्लेख वाली पर्ची मिली

सुरक्षा गार्ड पर हमला: आरोपी के घर से इस्लामिक स्टेट के उल्लेख वाली पर्ची मिली

सुरक्षा गार्ड पर हमला: आरोपी के घर से इस्लामिक स्टेट के उल्लेख वाली पर्ची मिली
Modified Date: April 28, 2026 / 05:25 pm IST
Published Date: April 28, 2026 5:25 pm IST

मुंबई, 28 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दो सुरक्षा गार्ड से धर्म पूछने के बाद उन पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति के घर से जांचकर्ताओं को ‘‘अकेले ही हमला करने’’ और इस्लामिक स्टेट का उल्लेख वाला एक नोट मिला है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 31 वर्षीय आरोपी कई वर्षों से अमेरिका में रह रहा था, और प्रतीत होता है कि वह ‘स्वयं ही कट्टरपंथी’ बना।

एक अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया, यह घटना एक कट्टरपंथी व्यक्ति द्वारा ‘अकेले ही किया गया हमला’ प्रतीत होती है, जिसमें आरोपी ने सोमवार तड़के गार्ड को चाकू मारने से पहले उनसे कथित तौर पर ‘कलमा’ पढ़ने को कहा था।

उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान जैब जुबैर अंसारी (31) के रूप में हुई है, जो 2020 में अमेरिका से भारत लौटा था। उन्होंने बताया कि उसने ठाणे के मीरा रोड इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में हुई कहासुनी के बाद सुरक्षा गार्ड से कथित तौर पर उनका धर्म पूछा था।

एक पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने उन दोनों से उनका धर्म पूछा और ‘कलमा’ पढ़ने को कहा। पीड़ित ने बताया कि जब वे ऐसा नहीं कर पाए, तो उसने चाकू से उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार शाम को घटना की जांच एटीएस को सौंप दी।

अधिकारी ने बताया कि अंसारी घटना स्थल से लगभग 200 मीटर दूर मीरा रोड स्थित नया नगर के स्मिता रीजेंसी भवन में अकेले रहता था। उन्होंने बताया कि अंसारी के आवास की तलाशी के दौरान एटीएस को ‘अकेले हमला करने’ और इस्लामिक स्टेट का उल्लेख करने वाला एक नोट, एक लैपटॉप और कुरान की तीन प्रतियां मिलीं।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोलापुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आरोपी ऑनलाइन सामग्री और किताबों से कथित तौर पर प्रभावित होकर चरमपंथी मानसिकता अपना बैठा।

फडणवीस ने कहा, ‘यह स्वयं ही कट्टरपंथी बनने का मामला प्रतीत होता है। ऐसा लगता है कि व्यक्ति कुछ खास सामग्री से प्रभावित हुआ और उसने ‘जिहाद’ जैसी अवधारणाओं और दूसरे धर्मों के लोगों की हत्या करने की सोच विकसित कर ली।’

उन्होंने कहा, ‘एटीएस और एनआईए जैसी एजेंसियों की मदद से हम इस बात की जांच करेंगे कि इस कट्टरपंथ के पीछे कौन है और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।’

एटीएस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने पहले दोनों सुरक्षा गार्ड से पास की किसी मस्जिद का पता पूछा। उन्होंने बताया कि दोनों सुरक्षा गार्ड ने मस्जिद की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद आरोपी ने गार्ड से पूछा कि क्या वे हिंदू हैं और फिर आगे बढ़ गया।

अधिकारी ने बताया कि कुछ ही सेकंड में अंसारी वापस आया, अपनी जेब से चाकू निकाला और सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन और उनके सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा पर कथित तौर पर हमला कर दिया।

उन्होंने बताया कि हमले के दौरान, अंसारी ने सुपरवाइजर से पूछा कि क्या वह भी हिंदू है और यदि नहीं, तो उसे ‘कलमा’ पढ़ना चाहिए। अधिकारी ने बताया कि ‘कलमा’ नहीं पढ़ पाने के कारण आरोपी ने उन पर चाकू से वार किया।

पिछले साल अप्रैल में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों ने कथित तौर पर पीड़ितों में से एक, जो ईसाई था, को गोली मारने से पहले ‘कलमा’ पढ़ने के लिए कहा था।

सोमवार की घटना के बाद, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंसारी की पहचान की गई और मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस ने उसे डेढ़ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी 2000 से 2020 तक अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रहता था। अधिकारी ने बताया कि उसका ‘वर्क परमिट’ समाप्त होने के बाद, वह भारत लौट आया और कुछ समय तक मुंबई के कुर्ला और पड़ोसी नवी मुंबई के वाशी में रहा।

अधिकारी ने बताया कि 2022 से वह स्मिता रीजेंसी बिल्डिंग में अकेला रह रहा था। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी अफगान है और वह उसे छोड़कर अमेरिका चली गई।

मीरा भायंदर-वसई विरार क्षेत्र में विविध आबादी रहती है, जिसमें मुस्लिम बहुल एक क्षेत्र भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, 2024 में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की रैली के दौरान शहर में सांप्रदायिक तनाव देखने को मिला था, जब 60 से अधिक लोगों ने एक शोभायात्रा पर हमला किया था और वाहनों में तोड़फोड़ की थी।

भाषा अमित मनीषा

मनीषा


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