नासिक आईटी कंपनी यौन उत्पीड़न प्रकरण में आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही: सूत्र
नासिक आईटी कंपनी यौन उत्पीड़न प्रकरण में आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही: सूत्र
नासिक (महाराष्ट्र), 14 अप्रैल (भाषा) नासिक में एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी में कुछ महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पैसे मिले थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है ताकि धन के स्रोत का पता लगाया जा सके। वैसे उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को इस मामले के संबंध में टीसीएस बीपीओ की महिला प्रबंधक (संचालन) की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी।
जांचकर्ताओं के अनुसार अब तक ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस)’ के सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला है। जांचकर्ताओं के मुताबिक एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है।
इस सप्ताह के आरंभ में, पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। शिकायतकर्ताओं ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न करने तथा मानव संसाधन विभाग पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला प्रबंधक (संचालन) के रूप में हुई है, जिन्हें इस मामले के सामने आने के बाद में निलंबित कर दिया गया था।
टीसीएस ने रविवार को कहा कि कंपनी ने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है। उसने नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है।
सोमवार को ‘टाटा संस’ के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने यौन उत्पीड़न को ‘बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक’ बताया तथा घोषणा की कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में इस मामले की गहन जांच चल रही है ताकि तथ्यों का पता लगाया जा सके और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
भाषा
राजकुमार पवनेश
पवनेश

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