बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, यात्रियों को हुई भारी परेशानी

बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, यात्रियों को हुई भारी परेशानी

बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, यात्रियों को हुई भारी परेशानी
Modified Date: June 19, 2026 / 11:14 pm IST
Published Date: June 19, 2026 11:14 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

मुंबई, 19 जून (भाषा) बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) के कर्मचारी संगठनों की की हड़ताल के चलते शनिवार को भी लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। संगठनों ने कहा है कि उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण हड़ताल जारी रहेगी।

इस हड़ताल के चलते प्रतिदिन करीब 25 लाख यात्रियों को सेवा देने वाली नगर निगम संचालित बस सेवा लगभग ठप हो गई है। इसके कारण यात्रियों को मेट्रो, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा से सफर करना पड़ रहा है।

बेस्ट संयुक्त कामगार कृती समिति के संयोजक उदय अंबोनकर ने शुक्रवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण हमने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।”

बेस्ट के कर्मचारी बृहस्पतिवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे, जिसके कारण शुक्रवार को मुंबई में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं और लाखों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

बेस्ट के प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई में शुक्रवार को सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रदाता की कुल 2,766 बस में से महज 48 सड़कों पर उतरीं।

उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न डिपो से निकली कुछ बस को हड़ताली कर्मचारियों के विरोध और पथराव के कारण लौटना पड़ा।

बेस्ट के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सुबह के व्यस्त समय में पूरे शहर के बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ दिखी और हजारों लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ऐप-आधारित कैब और मेट्रो जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

सलाहकार के तौर पर काम करने वाले सचिन नलावडे ने कहा, “मैं दफ्तर जाने के लिए रोज सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करता हूं, लेकिन आज मैं अपनी मोटरसाइकिल लेकर निकला, क्योंकि सड़कों पर बस नहीं चल रही थीं।”

बेस्ट उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के बाद मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन प्रदाता है, जिसकी बस से रोजाना औसतन 25 लाख यात्री सफर करते हैं। बेस्ट दक्षिण और मध्य मुंबई में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति भी करती है।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की है और उनका नेतृत्व कर रहे यूनियन को भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा तथा अगले 8-10 दिन में उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हड़ताल जल्द ही वापस ले ली जाएगी।

इस बीच, यूनियन के नेताओं ने दावा किया कि हड़ताल पहले दिन शत-प्रतिशत सफल रही।

बेस्ट के परिवहन और बिजली, दोनों ही विभाग के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। हालांकि, हड़ताल से मुंबई में बेस्ट के उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा।

यह हड़ताल ‘बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति’ ने आहूत की है, जो 12 यूनियन की एक संयुक्त कार्रवाई समिति है।

बेस्ट की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि उन्होंने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से अपील की है कि वे “शहर में जनजीवन ठप न होने दें और काम पर लौट आएं।”

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में बेस्ट के बजट को बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के बजट में मिलाना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कानूनी बकाये का एक बार में भुगतान करना, 2016 से 2026 तक की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, परिवहन और बिजली विभागों में संविदा पर नियुक्ति की व्यवस्था खत्म करना और ‘वेट-लीज’ (संविदा पर रखे गए निजी चालक और कर्मचारी) कर्मचारियों को बेस्ट में समायोजित करना शामिल है।

यह हड़ताल औद्योगिक अदालत की ओर से कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश पारित किए जाने और महाराष्ट्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एमईएसएमए) लागू किए जाने के बावजूद शुरू की गई। एमईएसएमए के तहत जरूरी सेवाओं को अवरुद्ध किए जाने पर रोक लगाई जाती है।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद सरनाईक ने संवाददाताओं से कहा कि बेस्ट कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूनियन का रुख सकारात्मक रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि हड़ताल जल्द खत्म हो जाएगी।

यूनियन नेताओं के साथ हुई बैठक में शहरी परिवहन विभाग के सचिव असीम गुप्ता, बेस्ट की महाप्रबंधक सोनिया सेठी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सरनाईक ने कहा, “यूनियन का रवैया सकारात्मक था। हमें उम्मीद है कि हड़ताल जल्द वापस ले ली जाएगी।”

मंत्री ने बताया कि उन्होंने बेस्ट के महाप्रबंधन को उन मुद्दों को हल करने का निर्देश दिया है, जिन्हें संस्था के स्तर पर सुलझाया जा सकता है।

सरनाईक ने बताया कि उन्होंने शहरी परिवहन विभाग के सचिव असीम गुप्ता से बेस्ट का उसकी मूल संस्था बीएमसी में विलय करने की लंबे अरसे से लंबित मांग पर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

सरनाईक के मुताबिक, गुप्ता को शहरी विकास विभाग के पास लंबित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने और अगले 8-10 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाए जाने की उम्मीद है, जिसमें उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

बैठक के बाद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए 12 यूनियन का प्रतिनिधित्व करने वाली संयुक्त कार्रवाई समिति के नेताओं ने कहा कि वह सरकार के आश्वासनों को यूनियन सदस्यों के सामने रखेंगे और शुक्रवार को रात आठ बजे के बाद हड़ताल के बारे में अपना फैसला सुनाएंगे।

हालांकि, संयुक्त कार्रवाई समिति से जुड़े एक यूनियन नेता ने कहा कि सरकार से लिखित आश्वासन मिले बिना कर्मचारियों के हड़ताल वापस लेने की संभावना कम है।

बेस्ट मौजूदा समय में लगभग 2,700 बस का संचालन करती है, जिनमें से ज्यादातर निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई हैं।

मुंबई पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में बाधा डालने, बेस्ट की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या काम पर आने के इच्छुक कर्मचारियों को रोकने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रमिक उत्कर्ष सभा और बेस्ट कामगार यूनियन ने खुद को इस हड़ताल से अलग रखा है। उनका कहना है कि श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन और राज्य सरकार के साथ बातचीत जारी है।

इस बीच, कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति सरकार को कसूरवार ठहराया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने वर्षों तक कर्मचारियों की शिकायतों को नजरअंदाज किया और पहले से मिले चेतावनी संकेतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।

भाषा पारुल जोहेब

जोहेब


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