ठाणे सहकारी बैंक पर नियंत्रण के लिए भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने मिलाया हाथ

ठाणे सहकारी बैंक पर नियंत्रण के लिए भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने मिलाया हाथ

ठाणे सहकारी बैंक पर नियंत्रण के लिए भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने मिलाया हाथ
Modified Date: July 12, 2026 / 07:12 pm IST
Published Date: July 12, 2026 7:12 pm IST

ठाणे, 12 जुलाई (भाजपा) महाराष्ट्र में एक बेहद असामान्य राजनीतिक समीकरण उस वक्त देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित उम्मीदवारों और उसकी कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने ठाणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

निर्वाचन अधिकारी अमर शिंदे ने शनिवार को घोषणा की कि भाजपा समर्थित अरुण पाटिल को बैंक का अध्यक्ष चुना गया है, जबकि कांग्रेस समर्थित भाग्यश्री भोईर को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया है।

अध्यक्ष पद के चुनाव में अरुण पाटिल ने 14 वोट हासिल कर बहुजन विकास आघाडी (बीवीए) के मनीष पाटिल को हराया, जिन्हें केवल सात वोट मिले।

इस हार को बीवीए प्रमुख हितेंद्र ठाकुर के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि बैंक के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र पाटिल के बेटे मनीष पाटिल को उनका वफादार माना जाता है।

शुरुआत में, बैंक के निदेशक मंडल में ‘सहकार पैनल’ के 16 सदस्य शामिल थे जिसे भाजपा, शिवसेना और बीवीए का समर्थन प्राप्त था। वहीं ‘परिवर्तन पैनल’ से पांच सदस्य थे, जिसे भाजपा के ही एक अन्य गुट ने समर्थन दिया था।

चुनाव से पहले भाजपा के भीतर आंतरिक मतभेद होने के बावजूद, पार्टी ने ऐन वक्त पर एकजुटता दिखाई और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की मदद से अरुण पाटिल की जीत का रास्ता साफ किया। इस आपसी तालमेल के कारण ही कांग्रेस समर्थित भाग्यश्री भोईर भी बिना किसी मुकाबले के निर्विरोध उपाध्यक्ष चुनी गईं।

अध्यक्ष पाटिल ने कहा कि सभी निदेशक बैंक के विकास और किसानों के कल्याण के लिए मिलकर काम करेंगे। वहीं, नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष भाग्यश्री भोईर ने कहा कि उनका निर्विरोध चुना जाना बैंक के प्रशासन में कांग्रेस की मजबूत वापसी को दर्शाता है।

भाषा खारी दिलीप

दिलीप


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