शिवसेना (उबाठा) में बगावत की अटकलों से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं: बावनकुले
शिवसेना (उबाठा) में बगावत की अटकलों से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं: बावनकुले
(फाइल फोटो सहित)
मुंबई, 17 जून (भाषा) महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेताओं में दलबदल कराने की किसी कथित कोशिश से उनकी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
बावनकुले ने शिवसेना (उबाठा) के कुछ सांसदों के पार्टी से अलग होकर नया गुट बनाने की अटकलों के बीच यह टिप्पणी की।
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने मंगलवार देर रात दावा किया था कि ‘‘महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने’’ के लिए ‘‘15 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि’’ दी जा रही है। उनके इस दावे से अटकलों को और बल मिला।
बावनकुले ने इन अटकलों और राउत के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नागपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं नहीं जानता कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ क्या है या इसे क्या कहा जाता है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है इसलिए इस मुद्दे पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।’’
राउत ने आरोप लगाया है कि भाजपा पाला बदलने के लिए सांसदों को धन की पेशकश कर रही है। इस बारे में सवाल किए जाने पर बावनकुले ने कहा कि उनकी पार्टी का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे भाजपा का क्या संबंध है? हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। हम नहीं जानते कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ क्या है, इसे कौन लेकर आया और क्यों लेकर आया ? भाजपा का इससे कोई संबंध नहीं है।’’
भाजपा नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके विधायकों से जुड़े फैसले संबंधित दलों के नेतृत्व का मामला है।
उन्होंने कहा, ‘‘(शिवसेना नेता एवं उपमुख्यमंत्री) एकनाथ शिंदे अपनी पार्टी के बारे में फैसले करेंगे और उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी के बारे में निर्णय लेंगे। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे जानते हैं कि उनके दलों में क्या हो रहा है। इस पूरे मामले से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।’’
बावनकुले ने कहा कि इस विवाद में भाजपा और उसके नेताओं को घसीटने की कोशिश अनुचित है।
उद्धव ठाकरे के अपने विधायकों और सांसदों को पार्टी छोड़ने से रोक पाने में नाकाम रहने को लेकर आलोचना के बारे में पूछे जाने पर बावनकुले ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) प्रमुख को आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि उद्धव ठाकरे को अपनी पार्टी संभालनी चाहिए और एकनाथ शिंदे को अपनी पार्टी मजबूत करनी चाहिए। विधायक और सांसद उद्धव ठाकरे को क्यों छोड़ रहे हैं, वे कहां जा रहे हैं और इसके क्या कारण हैं, इस पर उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। भाजपा का किसी ‘ऑपरेशन’ या पार्टी में फूट डालने की किसी कोशिश से कोई संबंध नहीं है।’’
जनप्रतिनिधियों को पाला बदलने के लिए धन की पेशकश किए जाने के राउत के आरोपों के संदर्भ में बावनकुले ने कहा कि यह कहना उचित नहीं है कि निर्वाचित प्रतिनिधि केवल पैसे के लिए अपना राजनीतिक रुख बदलते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह आरोप लगाना उचित नहीं है कि कोई विधायक या सांसद पैसा लेने के बाद ही अपना रुख बदलता है। ऐसे फैसलों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इस तरह के आरोप लगाने के बजाय दलों को यह देखना चाहिए कि उनके विधायक और सांसद उन्हें क्यों छोड़ रहे हैं।’’
शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने हाल में कहा था कि देवेंद्र फडणवीस के राष्ट्रीय राजनीति में जाने पर एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इस बयान के बारे में पूछे जाने पर बावनकुले ने कहा कि भोंडेकर ने केवल अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार है लेकिन आज महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जनादेश मिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वह एक मजबूत मुख्यमंत्री हैं और राज्य के विकास के एजेंडे का नेतृत्व कर रहे हैं।’’
भाजपा द्वारा फडणवीस को दिल्ली भेजे जाने की अटकलों पर बावनकुले ने कहा, ‘‘देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की 14 करोड़ जनता के लिए 2047 तक विकसित महाराष्ट्र का दृष्टिकोण पेश किया है। ‘डबल इंजन’ सरकार इस लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। मुझे नहीं लगता कि मुख्यमंत्री पद के बारे में चर्चा करना उचित है। फिलहाल यह चर्चा का विषय भी नहीं है।’’
भाषा
सिम्मी मनीषा
मनीषा

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