परभणी के महापौर को लेकर भाजपा का हमला उसके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है: सामना
परभणी के महापौर को लेकर भाजपा का हमला उसके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है: सामना
मुंबई, 14 फरवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) ने शनिवार को कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी पर मुस्लिम व्यक्ति सैयद इकबाल को परभणी का महापौर बनाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा निशाना साधे जाना उसकी मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।
शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र सामना में एक संपादकीय में पार्टी ने कहा कि भाजपा को अभिनेता सलमान खान के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख के बगल में बैठने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन अगर एक मराठी भाषी मुस्लिम और ‘‘वफादार शिवसैनिक’’ परभणी का महापौर बन जाता है तो उसे आपत्ति है।
संपादकीय में आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत की पिछले सप्ताह यहां विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया गया है।
शिवसेना (उबाठा) के पार्षद सैयद इकबाल हाल ही में परभणी महानगरपालिका के महापौर चुने गए हैं। इसके साथ ही यह पहली बार है जब पार्टी ने किसी मुस्लिम को नगर निकाय का प्रमुख चुना है।
उसने भाजपा पर हिंदुओं को भड़काने का आरोप भी लगाया। उसने कहा कि अमेरिका में एक प्रतिशत हिंदू हैं, ब्रिटेन में 1.6 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया में तीन प्रतिशत और अरब देशों में छह प्रतिशत हिंदू हैं, लेकिन वहां हिंदू सुरक्षित हैं।
संपादकीय में दावा किया गया है कि हालांकि भारत में 85 प्रतिशत आबादी हिंदू है, फिर भी वे असुरक्षित हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘‘हिंदुओं के लिए असली खतरा भाजपा से है।’’
इसमें कहा गया है कि भाजपा के गठन में योगदान देने वाले सात महत्वपूर्ण नेताओं में से एक सिकंदर भक्त एक मुस्लिम थे और इकबाल के चुनाव के खिलाफ शोर मचाने वालों को इस बात की जानकारी नहीं है।
इसमें कहा गया कि इकबाल का परभणी का महापौर बनना उनकी वफादारी का परिणाम था।
संपादकीय में कहा गया है कि परभणी में भाजपा के 12 पार्षद मुस्लिम हैं। इसमें यह भी बताया गया है कि भाजपा नियंत्रित जिंतूर नगर परिषद में उपाध्यक्ष मेहमुन्निसा पठान एक मुस्लिम महिला हैं।
सामना में कहा गया है, ‘‘अगर आप (भाजपा) ऐसा करते हैं तो ठीक है लेकिन अगर दूसरा ऐसा करते हैं तो आप हिंदू और मुसलमानों के बीच झगड़ा करवाएंगे।’’
भाषा
गोला माधव
माधव

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