जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने पर बीएमसी का एआईएमआईएम पार्षद आयोग्य ठहराया गया

जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने पर बीएमसी का एआईएमआईएम पार्षद आयोग्य ठहराया गया

जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने पर बीएमसी का एआईएमआईएम पार्षद आयोग्य ठहराया गया
Modified Date: June 22, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: June 22, 2026 6:51 pm IST

मुंबई, 22 जून (भाषा) एक जांच समिति द्वारा ओबीसी जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित किए जाने के बाद एआईएमआईएम पार्षद शमीर रमजान पटेल को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में अपनी सदस्यता गंवानी पड़ी।

सोमवार को बीएमसी की आम सभा की बैठक में महापौर रितु तावड़े ने कहा कि जिला जाति जांच समिति ने पटेल के जाति प्रमाणपत्र को अमान्य घोषित कर दिया है और अब वे पार्षद नहीं हैं।

पटेल की सदस्यता खत्म होने की यह घटना, इसी तरह के कारणों से शिवसेना (उबाठा) पार्षद दीपक सावंत की सदस्यता खत्म होने के कुछ दिनों बाद हुई है।

‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ (एआईएमआईएम) के पार्षद को गोवंडी के वार्ड नंबर 137 से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित सीट से चुना गया था।

शिवसेना (उबाठा) पार्षद दीपक सावंत की सदस्यता भी इसी तरह के कारणों से खत्म हो गई थी।

सावंत को भांडुप के एस वार्ड में वार्ड नंबर 111 से ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से चुना गया था।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


लेखक के बारे में