दिशा सालियान मामले में सीबीआई की प्राथमिकी ठाकरे परिवार की छवि धूमिल करने की राजनीतिक साजिश: राउत
दिशा सालियान मामले में सीबीआई की प्राथमिकी ठाकरे परिवार की छवि धूमिल करने की राजनीतिक साजिश: राउत
मुंबई, 15 सितंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी केंद्र की ओर से ठाकरे परिवार की छवि धूमिल करने के लिए रची गई राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
राज्यसभा सदस्य राउत ने संवाददाताओं से कहा कि मुंबई पुलिस मामले की पहले ही विस्तृत जांच कर चुकी है और उसने शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे का जून 2020 में पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर सालियान की मौत से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया था।
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर सालियान की मौत के मामले में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की है। बंबई उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में प्राथमिकी में किसी आरोपी का नाम नहीं दिया गया है। सालियान के पिता ने इस संबंध में अदालत में याचिका दायर की थी।
राउत ने कहा, ‘‘जिस तरह से इस मामले को अदालत में ले जाया गया और अदालत ने मामले को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया, वह एक साजिश है। अदालत ने स्पष्ट रूप से सीबीआई जांच कराने को कहा है, लेकिन किसी का नाम नहीं लेने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद मीडिया में नाम लिए जा रहे हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि सीबीआई जांच का इस्तेमाल आदित्य ठाकरे को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, जो विभिन्न जन मुद्दों को लेकर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं।
राउत ने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन से लोगों का ध्यान भटकाना या संसद में परिसीमन विधेयक के समर्थन के लिए शिवसेना (उबाठा) पर दबाव बनाना भी हो सकता है।
बंबई उच्च न्यायालय ने दो सितंबर को सालियान की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। अदालत ने छह साल तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करने को लेकर मुंबई पुलिस से नाराजगी जताई थी और कहा था कि उसकी जांच जवाबों से अधिक सवाल खड़े करती है।
राउत ने कहा, ‘‘यह दिल्ली की राजनीतिक साजिश है, जिसका उद्देश्य ठाकरे परिवार की छवि धूमिल करना है। इस परिवार का लोगों के दिलों में स्थान है।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्राथमिकी के कुछ हिस्से चुनिंदा तरीके से मीडिया में लीक किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 16 पन्नों की प्राथमिकी में से केवल एक पन्ना साझा किया गया है।
राउत ने आरोप लगाया कि केंद्र ने पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, द्रमुक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के खिलाफ अभियान चलाया था।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हीं लोगों ने ठाकरे परिवार के खिलाफ अभियान शुरू किया है, क्योंकि धनुष-बाण चुनाव चिह्न को लेकर उच्चतम न्यायालय में मामला चल रहा है।’’
यह चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को आवंटित किया गया है।
राउत ने दावा किया कि यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है और ‘‘कोई’’ इससे डरा हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर फैसला निष्पक्ष तरीके से आता है तो महाराष्ट्र की राजनीति बदल जाएगी और ठाकरे परिवार फिर से राजनीति के केंद्र में होगा।’’
सालियान (28) ने कुछ समय तक राजपूत की मैनेजर के तौर पर काम किया था। आठ जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी।
मुंबई पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी और बाद में जांच के बाद इसे आत्महत्या का मामला बताया था। इसके एक सप्ताह बाद, 14 जून 2020 को राजपूत बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। दोनों मौतों के बीच संभावित संबंध को लेकर इसके बाद कई तरह के कयास लगाए गए थे।
भाषा मनीषा वैभव
वैभव

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