कांग्रेस डूबता जहाज नहीं, पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए अलग हुए नेताओं को फिर एकजुट होना चाहिए: राउत

कांग्रेस डूबता जहाज नहीं, पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए अलग हुए नेताओं को फिर एकजुट होना चाहिए: राउत

कांग्रेस डूबता जहाज नहीं, पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए अलग हुए नेताओं को फिर एकजुट होना चाहिए: राउत
Modified Date: June 13, 2026 / 03:00 pm IST
Published Date: June 13, 2026 3:00 pm IST

पुणे, 13 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस कोई डूबता हुआ जहाज नहीं है और उन्होंने एक बार फिर कहा कि अतीत में कांग्रेस छोड़कर अलग दल बनाने वाले नेताओं को फिर से एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करना चाहिए।

राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार से इस दिशा में पहल करने की अपील करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘विकृत राजनीति’’ का मुकाबला करने के लिए सभी को एक साथ आना होगा।

उनकी यह टिप्पणी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा एक दिन पहले कांग्रेस को डूबता हुआ जहाज बताए जाने और यह कहे जाने के बाद आयी है कि कोई समझदार व्यक्ति उसमें (कांग्रेस में) सवार नहीं होगा।

राउत ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘यदि हम वास्तव में भाजपा की विकृत राजनीति के खिलाफ लड़ना चाहते हैं, तो सभी को एकजुट होना होगा। कांग्रेस पार्टी को मजबूत बनना चाहिए। कांग्रेस छोड़कर गए सभी नेताओं को पहले एक साथ आना चाहिए। यदि वरिष्ठ नेता शरद पवार पहल करें तो यह संभव हो सकता है। हम एक क्षेत्रीय पार्टी हैं और हम आपके साथ खड़े रहेंगे।’’

शिवसेना (उबाठा) के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आज भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कांग्रेस से डरते हैं। कांग्रेस कभी डूबता हुआ जहाज नहीं रही।’’

शिवसेना (उबाठा) के सांसदों में कथित असंतोष और ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ का इस्तेमाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सौ बार कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को तोड़ना लोकतंत्र की विकृति को दर्शाता है।’’

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ कथित तौर पर सत्तारूढ़ शिवसेना द्वारा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के नेताओं को अपने पक्ष में लाने की राजनीतिक रणनीति और गतिविधियों को कहा जाता है।

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि वर्तमान भाजपा नेतृत्व के दौर में यह विकृति अपने चरम पर पहुंच गई है, लेकिन एक दिन इसका अंत भी होगा। राज्य और देश, दोनों में इस तरह की राजनीति के खिलाफ विद्रोह होगा।

राउत ने यह आरोप भी लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश


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