आंबेडकर का जिक्र न करने से उपजा विवाद; वन विभाग कर्मी ने महाजन से लिखित में माफी की मांग की

आंबेडकर का जिक्र न करने से उपजा विवाद; वन विभाग कर्मी ने महाजन से लिखित में माफी की मांग की

आंबेडकर का जिक्र न करने से उपजा विवाद; वन विभाग कर्मी ने महाजन से लिखित में माफी की मांग की
Modified Date: January 27, 2026 / 08:57 pm IST
Published Date: January 27, 2026 8:57 pm IST

नासिक, 27 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के वन विभाग की कर्मचारी माधवी जाधव ने गणतंत्र दिवस के भाषण में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम का उल्लेख नहीं करने को लेकर राज्य के मंत्री और भाजपा नेता गिरीश महाजन से लिखित में माफी की मांग की।

सोमवार को नासिक में एक आधिकारिक समारोह में जल संसाधन मंत्री के भाषण के दौरान जाधव ने आपत्ति जताई थी।

हालांकि, महाजन ने स्पष्ट किया कि आंबेडकर का उल्लेख न करना अनजाने में हुआ था और उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी, लेकिन जाधव ने इस बात पर जोर दिया कि वह इसे लिखित में दें।

जाधव ने मंगलवार को कहा, ‘‘यह गिरीश महाजन का सौभाग्य और मेरा दुर्भाग्य है कि इस मामले में अत्याचार निवारण अधिनियम लागू नहीं होता है।’’

महाजन से अनजाने में हुई चूक के तर्क को खारिज करते हुए जाधव ने कहा कि मंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के नाम तो लिए, लेकिन संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर का जिक्र करना जानबूझकर छोड़ दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘महाजन को बाबासाहेब आंबेडकर के सभी अनुयायियों से लिखित में माफी मांगनी चाहिए।’’

इस घटना के बाद, जाधव ने नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में महाजन के खिलाफ अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के लिए आवेदन दिया।

घटना पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

इस बीच, महाजन ने अपने भाषण में आंबेडकर का जिक्र न करने को लेकर मंगलवार को खेद व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई दो राय नहीं है। कोई भी अपनी मांग रख सकता है। मैंने कल भी स्पष्ट किया था। मेरे भाषण के बाद मुझे इस हंगामे के बारे में पता चला। मेरा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रति मेरे मन में गहरा आदर है। मैं इस घटना के लिए माफी मांगता हूं।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव


लेखक के बारे में