Kharmas 2026: आज से खरमास शुरू, इन कामों से करें परहेज! नहीं तो नुकसान और मुश्किलें दोनों बढ़ सकती हैं!
Kharmas 2026: पंचांग के अनुसार खरमास यानी मलमास शुरू हो चुका है, जिसमें सूर्य मीन राशि में रहेंगे। अगले एक महीने तक किसी भी शुभ कार्य को करना वर्जित माना गया है। इस दौरान कुछ खास कामों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
(Kharmas 2026/ Image Credit: IBC24 News)
- साल 2026 में खरमास 15 मार्च से 14 अप्रैल तक रहेगा।
- इस दौरान विवाह, सगाई और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित हैं।
- सूर्य की स्थिति मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती।
Kharmas 2026 Start Date: पंचांग के अनुसार साल में कुछ ऐसे समय आते हैं जब मांगलिक और शुभ कार्यों को करने से परहेज किया जाता है। ऐसा ही समय है खरमास, जिसे कई जगहों पर मलमास भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। साल 2026 में खरमास 15 मार्च से शुरू हो चुका है और यह 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा। इस पूरे महीने के दौरान कुछ नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है।
खरमास क्या है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों यानी धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है। इस समय सूर्य की स्थिति ऐसी होती है कि मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं बन पाते। इसलिए विवाह, सगाई, गृह प्रवेश और अन्य बड़े शुभ कार्य इस दौरान टाल दिए जाते हैं। हालांकि, यह समय भक्ति, साधना और दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
खरमास में मांगलिक कार्य क्यों नहीं होते?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस समय सूर्य की गति और स्थिति ऐसी होती है कि ग्रहों का पूर्ण सहयोग शुभ कार्यों के लिए नहीं मिलता। इसलिए नए और बड़े कार्यों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। इसी कारण से शास्त्रों में कहा गया है कि खरमास के दौरान मांगलिक और शुभ कार्य टालने चाहिए। लोग परंपरा के अनुसार इस अवधि के बाद ही विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य करते हैं।
खरमास में इन कामों से बचें?
खरमास के दौरान कुछ विशेष कार्यों से दूरी बनाना जरूरी माना गया है। इनमें शामिल हैं-
- विवाह और सगाई
- गृह प्रवेश
- नया व्यवसाय या दुकान शुरू करना
- नए घर का निर्माण शुरू करना
- बड़े शुभ आयोजन
- मुंडन और नामकरण जैसे संस्कार
खरमास इन कार्यों के लिए अनुकूल
भले ही खरमास मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल न माना जाता हो, लेकिन यह समय भक्ति, पूजा, साधना, दान और अच्छे कर्म करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस दौरान धर्म, ज्ञान और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगाना शुभ माना जाता है। इसलिए इस महीने को एक अवसर के रूप में देखें और धार्मिक और सामाजिक कार्यों में ध्यान लगाएं।
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