अदालत ने स्वयंभू बाबा खरात को बलात्कार के दूसरे मामले में सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
अदालत ने स्वयंभू बाबा खरात को बलात्कार के दूसरे मामले में सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
नासिक, दो अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को स्वयंभू बाबा अशोक खरात को उसके खिलाफ दर्ज बलात्कार के दूसरे मामले में सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जिसमें उस पर 2020 से धार्मिक अनुष्ठानों की आड़ में एक महिला का कई बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।
पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने खरात को बुधवार को बलात्कार के दूसरे मामले में गिरफ्तार किया था। उसे बृहस्पतिवार को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीएन इचपुरानी के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे आठ अप्रैल तक एसआईटी की हिरासत में भेज दिया।
मर्चेंट नेवी अधिकारी से स्वयंभू बाबा बना खरात उसके खिलाफ दर्ज बलात्कार के पहले मामले के सिलसिले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नासिक रोड सेंट्रल जेल में कैद था, जहां से एसआईटी ने उसे हिरासत में ले लिया।
खरात को 17 मार्च को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब 35 वर्षीय एक महिला ने नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में उसके खिलाफ तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने खरात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और महाराष्ट्र मानव बलि एवं अन्य अमानवीय, दुष्ट व अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू रोकथाम एवं उन्मूलन अधिनियम, 2013 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
शिकायत के मुताबिक, बलात्कार के दूसरे मामले की पीड़िता पहली बार 2013 में अपनी शादी तय करवाने के लिए एक रिश्तेदार की सलाह पर खरात से मिली थी और तभी से उसके संपर्क में थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पीड़िता की शादी के बाद भी खरात पारिवारिक समस्याओं का समाधान प्रदान करने के बहाने उसके संपर्क में रहा और उसका यौन शोषण किया।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता दो बच्चों की मां है और उसने वैवाहिक मतभेदों के चलते पति से अलग होने के बाद दूसरी शादी की संभावनाएं खंगालने तथा भविष्य के बारे में जानने के लिए जब फिर से खरात से संपर्क किया, तो वह उसका यौन उत्पीड़न करने लगा।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि खरात ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और धार्मिक अनुष्ठानों की आड़ में उसके साथ कई बार बलात्कार किया। उसने कहा कि जब वह गर्भवती हो गई, तो खरात ने उसे दवाएं खिलाईं और गर्भ गिराने के लिए मजबूर किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरात फरवरी 2020 से पीड़िता का यौन उत्पीड़न कर रहा था और विरोध करने पर उसने पीड़िता और उसके बच्चों का जीवन बर्बाद करने की धमकी दी थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, खरात के खिलाफ बलात्कार का पहला मामला दर्ज कराए जाने के बाद उसमें हिम्मत पैदा हुई और उसने 21 मार्च को पुलिस में शिकायत दायर की।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा कारणों से खरात को अदालत में पेश नहीं किया गया और सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई।
एसआईटी की ओर से पेश लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और उन्होंने उसकी हिरासत का अनुरोध किया।
हालांकि, खरात के वकील ने उसकी हिरासत के अनुरोध का विरोध किया, लेकिन अदालत ने एसआईटी की अर्जी स्वीकार कर ली।
सुनवाई के दौरान जब न्यायाधीश ने खरात से पूछा कि क्या उसे कुछ कहना है, तो उसने ‘ना’ में जवाब दिया।
खरात के खिलाफ कम से कम 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें से आठ कथित यौन उत्पीड़न या शोषण और दो धोखाधड़ी से संबंधित हैं। मामलों की जांच कर रही एसआईटी को फोन पर उसके खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं।
सोमवार को अहिल्यानगर जिले के शिरडी पुलिस थाने में खरात और उसकी पत्नी के खिलाफ एक जमीन सौदे के सिलसिले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। खरात की पत्नी तब से फरार है।
बुधवार को एसआईटी की एक टीम ने खरात के बेटे हर्षवर्धन को नासिक के कर्मयोगी नगर स्थित उसके आवास से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। उसे रात में छोड़ दिया गया।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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