वाशिम, दो जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के वाशिम जिले की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को 2011 के हिरासत में मौत मामले में नौ पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
लोक अभियोजक श्रीराम कालू ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह मामला बेग्या पवार की मौत से संबंधित है, जिसे जांच के सिलसिले में वाशिम की रिसोड पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था।
उन्होंने कहा कि जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जे. पी. झपाटे ने रिसोड पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी माधव धांडे के साथ पुलिसकर्मियों मदन पवार, शिवाजी खिल्लारी, पंजाब पाटकर, रमेश पवार, प्रकाश तारम, नागोराव खांडके, अशोक वैद्य और वसंत जाधव को भारतीय दंड संहिता और दंड प्रक्रिया संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।
उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा पुलिस पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाए जाने के बाद मामले की जांच राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई थी। उन्होंने कहा कि सीआईडी द्वारा अदालत में प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्य, चिकित्सकीय रिपोर्ट और गवाहों के बयान नौ पुलिसकर्मियों की दोषसिद्धि में निर्णायक साबित हुए।
भाषा देवेंद्र माधव
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