बीपीसीएल ने ब्राजील तेल एवं गैस कंपनी में वीडियोकॉन की हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया

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बीपीसीएल ने ब्राजील तेल एवं गैस कंपनी में वीडियोकॉन की हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 08:30 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 08:30 PM IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) ने ब्राजील के संयुक्त उद्यम आईबीवी ब्रासिल पेट्रोलियो लि. में वीडियोकॉन की शेष हिस्सेदारी खरीद ली है। इससे कंपनी का इस पर पूरा स्वामित्व हो गया है।

कंपनी ऐसा अपने विदेशी खोज और उत्पादन कारोबार को बढ़ाने और लंबे समय तक ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने के लिए कर रही है।

कंपनी ने बयान में कहा कि यह अधिग्रहण बीपीसीएल की उत्पादन इकाई भारत पेट्रो-रिसोर्सेज लि. (बीपीआरएल) और उसकी अनुषंगी कंपनियों के जरिये पूरा किया गया। इससे आईबीवी में बीपीआरएल की हिस्सेदारी 65.4 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गई और ब्राजील की कंपनी अब उसकी पूरी तरह से अनुषंगी बन गई है।

बीपीसीएल ने कहा कि बीपीआरएल ने शेयरधारक समझौते के तहत वीडियोकॉन की हिस्सेदारी खरीदने के लिए पहले खरीदने का अधिकार का इस्तेमाल किया। यह सौदा ब्राजील की अधिकारियों से जरूरी मंजूरी और पंजीकरण मिलने के बाद पूरा हुआ।

कंपनी ने सौदे की वित्तीय जानकारी का खुलासा नहीं किया।

आईबीवी के पास ब्राजील के बीएम-एसईएएल-11 और बीएम-सी-30 ऑयल और गैस कंसेशन में हिस्सेदारी है। बीपीसीएल ने कहा कि बीएम-एसईएएल-11 ब्लॉक से उत्पादन शुरू होने पर इस अधिग्रहण से सालाना लगभग 10 लाख टन तेल समतुल्य का उत्पादन जुड़ सकता है।

आईबीवी के पास बीएम-एसईएएल-11 कंसेशन में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि बाकी हिस्सेदारी पेट्रोब्रास के पास है। यह परियोजना अभी विकास के दौर में है और ‘फ्लोटिंग प्रोडक्शन स्टोरेज एंड ऑफलोडिंग’ (एफपीएसओ) इकाई के लिए अनुबंध मई, 2026 में किया गया था।

यह अधिग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब भारत की सरकारी ऊर्जा कंपनियां वैश्विक ऊर्जा बाजार में वैश्विक अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव के बीच आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने के लिए विदेशी तेल और गैस संपत्ति हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।

बीपीसीएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय खन्ना ने कहा, ‘‘यह अधिग्रहण हमारी विदेशों में उत्पादन वृद्धि यात्रा में एक अहम पड़ाव है। एक रणनीतिक संपत्ति में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर, हम अपने वैश्विक ऊर्जा कारोबार को मजबूत करने और हाइड्रोकार्बन संसाधनों तक सुरक्षित और टिकाऊ पहुंच के जरिये भारत की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहे हैं।’’

भाषा रमण अजय

अजय

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