मराठी भाषा को लेकर यात्री व टिकट निरीक्षक में विवाद का मामला: जांच में रेल कर्मी निर्दोष पाया गया
मराठी भाषा को लेकर यात्री व टिकट निरीक्षक में विवाद का मामला: जांच में रेल कर्मी निर्दोष पाया गया
मुंबई, 13 जुलाई (भाषा) मुंबई में अंधेरी स्टेशन के पास एक वातानुकूलित लोकल ट्रेन में यात्री और टिकट निरीक्षक के बीच विवाद मामले में शुरुआती जांच में पाया गया है कि रेलवे कर्मचारी ने कानून और तय प्रक्रियाओं के अनुसार काम किया था।
पश्चिमी रेलवे की ओर से यह सफाई उस घटना के दो दिन बाद आई है जब टिकट जांच के दौरान मराठी भाषा के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने एक यात्री को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया था।
इस घटना को लेकर अंधेरी स्टेशन पर मराठी भाषा से जुड़े एक संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया था।
पश्चिम रेलवे ने एक बयान में कहा, ‘‘शुरुआती जांच में पाया गया है कि रेलवे कर्मचारी ने कानून और तय प्रक्रियाओं के अनुसार काम किया था। कर्मचारी की ओर से किसी भी स्तर पर कोई गलत व्यवहार या तय प्रक्रिया से कोई विचलन नहीं पाया गया।’’
बयान में कहा गया कि कर्मचारी ने रेलवे अधिनियम 1989 (जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत संशोधित) और टिकट जांच से जुड़े मौजूदा नियमों और निर्देशों के अनुसार काम किया।
पश्चिमी रेलवे के अनुसार, टिकट की जांच करने वाला कर्मचारी शनिवार को दोपहर 2:06 बजे विरार में वातानुकूलित लोकल ट्रेन में चढ़ा और उसने एक यात्री को टिकट दिखाने के लिए कहा।
बयान में कहा गया, ‘‘यात्री ने जिद की कि टिकट मराठी भाषा में मांगा जाए। इस अनुरोध का सम्मान करते हुए टिकट परीक्षक ने बाद में मराठी भाषा में टिकट की मांग की, लेकिन आरोप है कि यात्री ने स्टाफ से बहस जारी रखी जिससे टिकट जांच की प्रक्रिया में खलल पड़ा और सरकारी काम में रुकावट आई।’’
बयान में कहा गया कि और अधिक परेशानी से बचने के लिए यात्री को अंधेरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया गया और कानून के तहत जरूरी कार्रवाई के लिए आरपीएफ कार्यालय ले जाया गया।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश

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