जिलाधिकारियों को सरकारी जमीन की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास की शक्ति दी गयीं : मंत्री बावनकुले

जिलाधिकारियों को सरकारी जमीन की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास की शक्ति दी गयीं : मंत्री बावनकुले

जिलाधिकारियों को सरकारी जमीन की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास की शक्ति दी गयीं : मंत्री बावनकुले
Modified Date: June 5, 2026 / 09:19 pm IST
Published Date: June 5, 2026 9:19 pm IST

मुंबई, पांच जून (भाषा) महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी भूमि की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास और उपयोग में परिवर्तन को मंजूरी देने की अपनी शक्तियां जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को सौंप दी हैं।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गतिशील शासन के दृष्टिकोण के अनुरूप लिया गया है।

उन्होंने कहा, “क्षेत्रीय स्तर पर अधिकारियों को सशक्त बनाने से नागरिकों और डेवलपर को अब मंत्रालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे विकास कार्यों को काफी बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता के तहत शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया गया है। इससे प्रशासन अधिक कुशल बनेगा तथा नागरिकों का समय, यात्रा और पैसा बचेगा।”

अब तक, सरकारी भूमि की बिक्री, हस्तांतरण, पुनर्विकास और उपयोग परिवर्तन से संबंधित मामलों के लिए राज्य सरकार की मंजूरी आवश्यक थी, जिसमें अतिरिक्त ‘फ्लोर स्पेस इंडेक्स’ (एफएसआई) और हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल थे।

बावनकुले ने कहा कि अब जिलाधिकारियों को शक्तियां सौंपे जाने से अधिकारी स्थानीय स्तर पर मामलों का निपटारा अधिक तेजी से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस कदम से प्रक्रियात्मक देरी में काफी कमी आएगी, प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा और राज्य भर में विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी।

सरकार ने निर्णय की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए 28 दिसंबर, 2015 और 17 सितंबर, 2016 को जारी की गई पिछली अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया है।

संशोधित ढांचे के अनुसार, जिलाधिकारियों को 10 लाख रुपये तक के मामलों में अधिकार प्राप्त होंगे, जबकि संभागीय आयुक्तों को 20 लाख रुपये तक के मामलों से निपटने का अधिकार दिया जाएगा।

भाषा राजकुमार प्रशांत

प्रशांत


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