मुंबई/ अहमदाबाद, 22 अक्टूबर (भाषा) राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में करीब 250 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किये हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। तस्करी रोधी शीर्ष एजेंसी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अहमदाबाद के पुलिस उपायुक्त (अपराध) चैतन्य मांडलिक ने बताया कि डीआरअआई की अहमदाबाद क्षेत्र इकाई से मिली जानकारी के आधार पर मादक पदार्थों–कोकीन,मेफेड्रोन और केटामीन–की बरामदगी शुक्रवार को की गई।
डीआरआई ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) की अपराध शाखा ने भी अभियान में सहयोग किया, जिसके तहत दो फैक्टरियों और आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई।
मुंबई पुलिस द्वारा करीब 300 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों की बरामदगी के बाद, और एक मुख्य आरोपी ललित पाटिल के उच्च पदस्थ लोगों से कथित संबंधों को लेकर
सत्तारूढ़ दलों और विपक्ष के बीच विवाद की पृष्ठभूमि में यह जब्ती हुई है।
डीआरआई ने एक बयान में कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में तलाशी के दौरान, टीम ने दो आरोपियों में से एक के घर 23 किलोग्राम (किग्रा) कोकीन, करीब 2.9 किग्रा मेफेड्रोन और 30 लाख रुपये नकदी बरामद की।
बयान में कहा गया है कि कुल 4.5 किग्रा मेफेड्रोन, 4.3 किग्रा केटामाइन और 9.3 किग्रा मेफेड्रोन का मिश्रण पैठन एमआईटीसी इलाके में महालक्ष्मी इंडस्ट्रीज से बरामद किया गया।
डीआरआई ने कहा कि मादक पदार्थ का बाजार मूल्य 250 करोड़ रुपये आंका गया है। इसने बताया कि मुख्य षड्यंत्रकारी सहित दो लोगों को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र में प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच, नासिक में एक दवा निर्माण इकाई सहित कुछ स्थानों से मुंबई की साकीनाका पुलिस द्वारा लगभग 300 करोड़ रुपये मूल्य के 151 किग्रा मेफेड्रोन की जब्ती के मुख्य आरोपी ललित पाटिल को लेकर वर्तमान में जुबानी जंग चल रही है।
शिवसेना (यूबीटी) ने एकनाथ शिंदे सरकार में गृह विभाग संभाल रहे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर राज्य में ड्रग माफिया को बचाने का आरोप लगाया है। वहीं, फडणवीस ने दावा किया कि पाटिल उद्धव ठाकरे नीत अविभाजित शिवसेना की नासिक इकाई का प्रमुख था।
फडणवीस ने कहा था कि पाटिल को 2020 में गिरफ्तार किया गया था, जब महा विकास आघाड़ी की सरकार थी, लेकिन पुलिस ने कभी उससे पूछताछ नहीं की।
पाटिल दो अक्टूबर को पुणे के ससून अस्पताल से भाग गया था। बाद में, उसे बेंगलुरु के पास से गिरफ्तार किया गया और अदालत ने 23 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
भाषा सुभाष दिलीप
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