मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को यहां सशस्त्र बलों के तीनों अंगों की महिला सैन्यकर्मियों के पहले ‘राउंड-द-वर्ल्ड’ (दुनिया का चक्कर लगाने वाले) दल का लौटने पर स्वागत किया और इस सफल यात्रा को भारत की महिला शक्ति का प्रमाण बताया।
‘समुद्र प्रदक्षिणा’ नामक यह अभियान नौ महिला अधिकारियों ने पूरा किया। उन्होंने ‘इंडियन आर्मी सेलिंग वेसल’ त्रिवेणी पर सवार होकर चार महासागरों में लगभग 25,500 नॉटिकल मील की यात्रा 314 दिनों में पूरी की। सिंह ने ‘वीडियो कांफ्रेंस’ के ज़रिए इस दल के अभियान का समापन किया।
सशस्त्र बलों के तीनों अंगों की महिला अधिकारियों के अभियान को रक्षा मंत्री ने 11 सितंबर, 2025 को मुंबई से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
सिंह ने आज इस अभियान के सफल समापन को भारत की ‘नारी शक्ति’ का प्रमाण, इसके संकल्प का प्रतीक, सशस्त्र बलों के तीनों अंगों के बीच तालमेल और संयुक्त कार्यप्रणाली की प्रभावशीलता का सबूत तथा चुनौतियों को पार कर इतिहास रचने वाले ‘नए भारत’ का जश्न बताया।
एक बयान में कहा गया है कि इस दल ने दुनिया का चक्कर लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माने जाने वाले सभी मानदंडों को पूरा किया – जैसे कि सभी देशांतर रेखाओं को पार करना, भूमध्य रेखा को दो बार पार करना, अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को पार करना और तीन बड़े केप – केप लीविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप – का चक्कर लगाना।
आईएएसवी त्रिवेणी के चालक दल की हिम्मत, जज़्बे और दृढ़ संकल्प की तारीफ़ करते हुए सिंह ने कहा कि इस अभियान ने साबित कर दिया है कि इंसानी हिम्मत किसी भी तूफ़ान से कहीं ज़्यादा बड़ी होती है।
भाषा
राजकुमार रंजन
रंजन