मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय तक बुधवार को मार्च निकाल रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाकर पुलिस वाहन में बिठा दिया। पार्टी ने यह दावा किया।
पार्टी ने बताया कि यह मार्च दिल्ली में धरना दे रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए ‘दुर्व्यवहार’ के विरोध में निकाला गया था।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अगुवाई में यह मार्च गांधी भवन से शुरू हुआ और उनकी योजना भाजपा कार्यालय जाकर सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं को संविधान की प्रति सौंपने की थी।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने हालांकि दक्षिण मुंबई में रीगल सिनेमा के पास कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
उन्होंने बताया कि सपकाल, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार और पूर्व मंत्री नसीम खान समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाकर पुलिस वैन में बैठा दिया गया। उन्हें कोलाबा पुलिस थाना ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
सपकाल पुलिस हिरासत से छूटने के बाद मध्य मुंबई के तिलक भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय गए और भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित साटम का इंतज़ार करने लगे, जो कांग्रेस कार्यालय की ओर एक जवाबी मार्च का नेतृत्व कर रहे थे।
पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि सपकाल संविधान की एक प्रति और गुलाब का फूल लेकर साटम का इंतजार कर रहे थे, लेकिन भाजपा के जवाबी मार्च को कांग्रेस कार्यालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
सपकाल ने इससे पहले कहा था कि कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी और आगे की कार्रवाई के बारे में महा विकास आघाडी (एमवीए)के सहयोगियों के साथ चर्चा करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए)द्वारा बुलाए गए महाराष्ट्र बंद का समर्थन किया, जो राष्ट्रीय राजधानी में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में है।
भाषा धीरज रंजन
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