ईडी ने धनशोधन मामले में लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के पूर्व निदेशक को गिरफ्तार किया
ईडी ने धनशोधन मामले में लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के पूर्व निदेशक को गिरफ्तार किया
मुंबई, 12 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के एक पूर्व निदेशक को 85 करोड़ रुपये के कथित धनशोधन मामले में बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
ईडी ने राजेंद्र लोढ़ा के खिलाफ मुंबई पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले के आधार पर धनशोधन मामले की जांच शुरू की है।
राजेंद्र लोढ़ा को पिछले साल सितंबर में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने एक मामले में गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी ने लोढ़ा को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करने वाली एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया और वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
प्रक्रिया के तहत लोढ़ा को शुक्रवार को पहली हिरासत के लिए ईडी की अदालत में पेश किया जाएगा।
ईडी ने आरोप लगाया है कि राजेंद्र लोढ़ा को 2015 में कंपनी के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था, जिन्होंने केवल भूमि अधिग्रहण तक सीमित अधिकार का अतिक्रमण कर कई अनधिकृत लेनदेन को अंजाम दिया।
संघीय एजेंसी ने आरोप लगाया है कि लोढ़ा ने अपने बेटे साहिल लोढ़ा और करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर अपराध से आय अर्जित करने, छिपाने और उसे वैध बनाने की साजिश रची, जिससे कंपनी को नुकसान हुआ।
ईडी ने रेखांकित किया कि उन्होंने फर्जी कब्जेदारों और मनगढ़ंत समझौता ज्ञापनों के माध्यम से कंपनी के धन का गबन किया, नकद में धन निकाला और कंपनी की जमीन तथा हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) को कम मूल्य पर अवैध रूप से हस्तांतरित किया।
इसने यह भी कहा कि उन्होंने बेनामी लेनदेन को बढ़ावा दिया, नियंत्रित संस्थाओं के माध्यम से धन की हेराफेरी की और कंपनी के संसाधनों का उपयोग व्यक्तिगत लाभ और अपने परिवार से जुड़ी संस्थाओं के लिए किया।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि राजेंद्र लोढ़ा ने फर्जी और मनगढ़ंत स्थायी वैकल्पिक आवास समझौतों के तहत, बिना किसी कानूनी अधिकार के, फ्लैट का धोखाधड़ीपूर्ण और कम मूल्य पर आवंटन करवाया, जिससे उनके सहयोगियों को अनुचित लाभ हुआ। जांच एजेंसी के अनुसार इन अनुचित कृत्यों की वजह से लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड को कुल 85 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

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