परिवीक्षाधीन आईएएस खेडकर की मां से संबद्ध इंजीनियरिंग कंपनी सील

परिवीक्षाधीन आईएएस खेडकर की मां से संबद्ध इंजीनियरिंग कंपनी सील

परिवीक्षाधीन आईएएस खेडकर की मां से संबद्ध इंजीनियरिंग कंपनी सील
Modified Date: July 19, 2024 / 04:59 pm IST
Published Date: July 19, 2024 4:59 pm IST

पुणे, 19 जुलाई (भाषा) पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निकाय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की विवादास्पद परिवीक्षाधीन अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा से जुड़ी एक इंजीनियरिंग कंपनी को लगभग दो लाख रुपये का संपत्ति कर बकाया होने पर शुक्रवार को सील कर दिया। नगर निकाय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एक आपराधिक मामले में मनोरमा खेडकर फिलहाल पुणे पुलिस की हिरासत में हैं।

पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम (पीसीएमसी) ने संपत्ति का बकाया न चुकाने पर तलावडे क्षेत्र में स्थित बंद पड़ी कंपनी थर्मोवेरिटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सील कर दिया।

उल्लेखनीय है कि पूजा खेडकर ने आरक्षण के तहत सिविल सेवाओं में चयन के लिए पिंपरी-चिंचवाड़ स्थित यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (वाईसीएम) में दिव्यांगता प्रमाण पत्र की खातिर आवेदन करते समय अपने आवासीय पते के रूप में इंजीनियरिंग कंपनी का पता दिया था।

पीसीएमसी आयुक्त शेखर सिंह ने कहा, “थर्मोवेरिटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का 2022-2023 और 2023-2024 का संपत्ति कर पिछले दो वर्षों से लंबित है। साथ ही चालू वर्ष का बकाया भी लंबित है। चूंकि 2023 में उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया था, इसलिए पहले उन्हें (मालिक को) नोटिस जारी किया गया और बाद में क्रमिक कदम के रूप में, हमने सबसे पहले उनका पानी का कनेक्शन काट दिया। पिछले दो वर्षों से बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है, इसलिए अगले कदम के रूप में हमने संपत्ति को सील कर दिया है।”

उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों का कुल बकाया 1.96 लाख रुपये है और यदि चालू वर्ष का बकाया भी जोड़ दिया जाए तो लंबित राशि 2.77 लाख रुपये हो जाती है।

पुणे ग्रामीण पुलिस ने मुलशी तहसील के धाडवाली गांव में 2023 में भूमि विवाद को लेकर कुछ लोगों को पिस्तौल दिखाकर धमकाने के आरोप में मनोरमा खेडकर को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की, जिनमें फर्जी पहचान पत्र के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना शामिल है।

आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। 2023 बैच की आईएएस अधिकारी खेडकर पर हाल में पुणे में अपने प्रशिक्षण के दौरान विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने और सिविल सेवा में चयन के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।

भाषा

प्रशांत अविनाश

अविनाश


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