पुणे, 23 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र में आरक्षण की खींचतान के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विभिन्न समुदायों के बीच कड़वाहट को दूर करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
पवार ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि मराठों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के बीच जानबूझकर टकराव का माहौल बनाया जा रहा है।
राज्य सरकार ने दो सितंबर को हैदराबाद राजपत्र में एक आदेश (जीआर) जारी किया और मराठा समुदाय के उन सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा की जो अतीत में खुद को कुनबी के रूप में मान्यता देने वाले दस्तावेज़ी प्रमाण प्रस्तुत करने में सक्षम हैं।
सरकार का यह निर्णय मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा मुंबई में पांच दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद आया।
राज्य के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग द्वारा जीआर जारी किए जाने के बाद ओबीसी में बेचैनी बढ़ गई है।
राज्य में आरक्षण के मुद्दे और मराठों व ओबीसी के बीच बढ़ती दरार के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि सरकार को दोनों समुदायों के बीच कड़वाहट कम करने के लिए काम करना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री को आगे आना चाहिए और देखना चाहिए कि कड़वाहट कैसे कम की जा सकती है। मेरे जैसे नेता मतभेदों को दूर करने और एकता बनाने में मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मराठों और ओबीसी के बीच जानबूझकर टकराव का माहौल बनाया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार ने इस संबंध में कुछ सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कटुता को कम करने और यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि ये समुदाय गांवों में सौहार्दपूर्ण ढंग से एक साथ रहें।’’
पवार ने कहा कि ओबीसी और मराठा समुदायों को बातचीत के लिए एक साथ लाया जाना चाहिए।
भाषा गोला नरेश
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