मुंबई के गणपति पंडाल में लगी विशाल ‘फाइबरग्लास’ मूर्ति अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ा रही

मुंबई के गणपति पंडाल में लगी विशाल ‘फाइबरग्लास’ मूर्ति अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ा रही

मुंबई के गणपति पंडाल में लगी विशाल ‘फाइबरग्लास’ मूर्ति अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ा रही
Modified Date: September 16, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: September 16, 2026 7:49 pm IST

मुंबई, 16 सितंबर (भाषा) मुंबई के लोकप्रिय गणपति पंडाल लालबागचा राजा में इन दिनों श्रद्धालुओं का ध्यान मानव अंगों को दर्शाने वाली एक बड़ी ‘फाइबरग्लास’ मूर्ति खींच रही है। शहर के एक अस्पताल द्वारा लगाई गई इस मूर्ति का उद्देश्य अंगदान के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना है।

इस पहल के जरिए आस्था, स्वास्थ्य सेवा और समुदाय को एकसाथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।

‘ग्लेनईगल्स अस्पताल’ ने बुधवार को मध्य मुंबई के लालबाग स्थित पंडाल में विभिन्न मानव अंगों को दर्शाने वाली 15.59 मीटर ऊंची फाइबरग्लास मूर्ति का अनावरण किया। यह अस्पताल की अंगदान जागरूकता पहल ‘ऑर्गन्स ऑफ होप’ का हिस्सा है।

ग्लेनईगल्स अस्पताल ने एक बयान में कहा कि लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य जारी गणेशोत्सव के दौरान अंगदान को लेकर चर्चा को अस्पताल की चारदीवारी से बाहर निकालकर समुदाय के बीच ले जाना है।

निजी अस्पताल ने दावा किया कि इस मूर्ति ने ‘‘अंगों को दर्शाने वाली सबसे बड़ी फाइबरग्लास मूर्ति’’ के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का खिताब हासिल किया है।

ग्लेनईगल्स अस्पताल मुंबई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बिपिन चेवले ने कहा, ‘‘एक स्वास्थ्य सेवा संस्थान के रूप में हम हर दिन देखते हैं कि समय पर उपचार और प्रतिरोपण की जरूरत मरीजों और उनके परिवारों को कितनी गहराई से प्रभावित कर सकती है। ‘ऑर्गन्स ऑफ होप’ के जरिए हम अंगदान पर चर्चा को अस्पताल से बाहर निकालकर समुदाय के बीच ले जाना चाहते थे।’’

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जागरूकता उत्पन्न करना, गलत धारणाओं को दूर करना और लोगों को अपने परिवारों के साथ अपनी इच्छाओं के बारे में खुलकर बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

चेवले ने कहा, ‘‘लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने गणेशोत्सव के दौरान ऐसा करने के लिए हमें एक बेहद सार्थक मंच दिया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का खिताब हमारे लिए एक गौरवशाली उपलब्धि है।’’

भाषा अमित गोला

गोला


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