Jhiram Naxal Case Death Sentence: झीरम नक्सल कांड में सजा का ऐलान, 10 दोषियों को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, कांग्रेस नेताओं सहित 31 लोगों की हुई थी मौत

झीरम नक्सल कांड में सजा का ऐलान, सभी आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, Jhiram Naxal Case Death Sentence

Jhiram Naxal Case Death Sentence: झीरम नक्सल कांड में सजा का ऐलान, 10 दोषियों को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, कांग्रेस नेताओं सहित 31 लोगों की हुई थी मौत
Modified Date: September 16, 2026 / 05:28 pm IST
Published Date: September 16, 2026 5:06 pm IST

जगदलपुरः छत्तीसगढ़ के बस्तर में साल 2013 के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों को NIA की विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 5 सितंबर को मामले में सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। झीरम घाटी मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। इसके बाद बाकी 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए।

दोषी पाए गए 10 आरोपियों पर क्‍या आरोप?

  • प्रमिला मोडियम ज्योति: मिलिट्री कंपनी नंबर-2 के कैडरों के साथ झीरम पहुंची, हमला किया और हथियार लूटे।
  • चैतू लेकाम: PLGA का सेक्शन कमांडर, पिड़िया से झीरम पहुंचा। FSL और अन्य सबूतों से जब्त विस्फोटकों का हमले से संबंध सामने आया।
  • सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम: हमले में शामिल रहा।
  • मुक्का मंडावी: हथियार के साथ हमले में शामिल हुआ, पुलिसकर्मियों के हथियार छीनने समेत अन्‍य भूमिका।
  • कवासी कोसा: झीरम हमले में शामिल हुआ और पुलिसकर्मियों के हथियार लूटे।
  • आयता मडकम: कोलेंग और कंडानार से चावल व अन्य लॉजिस्टिक सामग्री जुटाकर झीरम पहुंचाने की व्यवस्था की।
  • मड़कमि देवा: दरभा डिवीजन कमेटी का सदस्य, हमले के लिए लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई।
  • जोगा मड़कमी: हमले में शामिल होने समेत अन्‍य भूमिका।
  • बंजामी सना: दरभा डिवीजन कमेटी की सदस्य, हमले के लिए चावल और अन्य लॉजिस्टिक जुटाए, फंड के लिए वसूली का भी आरोप।
  • महादेव: दर्ज बयान के अनुसार घटनास्थल पर मौजूदगी और हमले में भूमिका की पुष्टि।

25 मई 2013 को परिवर्तन यात्रा के काफिले पर हमला

25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का काफिला सुकमा से जगदलपुर लौट रहा था। काफिले में कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में नक्सलियों ने सड़क पर पेड़ गिराकर काफिले का रास्ता रोक दिया। काफिला रुकते ही नक्सलियों ने हमला कर दिया। हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और कांग्रेस नेता उदय मुदलियार समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में 10 सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।