सरकार ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करेगी: सरनाइक
सरकार ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करेगी: सरनाइक
मुंबई, 22 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को बताया कि सरकार राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेगी। यह कदम एक मई से उनके लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के निर्णय के तहत उठाया गया है।
इस फैसले के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मुंबई में ऑटो रिक्शा पर ऐसे स्टिकर लगाना शुरू कर दिया है, जिनमें लिखा है कि चालक को मराठी आती है।
सरनाईक ने कहा कि सरकार ने महाराष्ट्र दिवस (एक मई) से इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसके तहत ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर तथा ई-बाइक जैसी ऐप आधारित सेवाओं के चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत गैर-मराठी चालकों को भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि प्रशिक्षण योजना पर चर्चा के लिए 24 अप्रैल को विशेषज्ञों, साहित्यकारों और संबंधित क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक बुलाई गई है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मराठी को “शास्त्रीय भाषा” का दर्जा मिलने के बाद इस पहल का महत्व और बढ़ गया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि यह कदम केवल प्रशासनिक निर्देश तक सीमित न रहे, बल्कि चालकों में मराठी भाषा के प्रति अपनापन भी पैदा करे।
मनसे की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संदीप देशपांडे ने कहा कि उनकी परिवहन इकाई ने मुंबई में ऑटो रिक्शा पर ऐसे स्टिकर लगाना शुरू कर दिया है, जिनमें लिखा है कि चालक को मराठी आती है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि उन “घमंडी” ऑटो चालकों को सबक सिखाया जाए, जो कहते हैं कि वे मराठी में बात नहीं करेंगे।
देशपांडे ने कहा, “आज से हमारी परिवहन इकाई ऑटो चालकों पर ‘मी मराठी बोलतो’ (मैं मराठी बोलता हूं), ‘मला मराठी समजते’ (मुझे मराठी समझ में आती है) और ‘माझ्या रिक्षात तुम्ही बसू शकता’ (आप मेरी ऑटो रिक्शा में बैठ सकते हैं) जैसे संदेश वाले स्टिकर लगाएगी।”
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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