नागपुर स्थित विस्फोटक कारखाने में हुए विस्फोट के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार: कांग्रेस नेता
नागपुर स्थित विस्फोटक कारखाने में हुए विस्फोट के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार: कांग्रेस नेता
मुंबई, चार मार्च (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने बुधवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि नागपुर स्थित विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले एक कारखाने में हुए हालिया विस्फोट सरकारी लापरवाही का नतीजा है।
इस विस्फोट में 19 लोगों की मौत हो गई थी।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले डेढ़ साल में नागपुर जिले के विभिन्न विस्फोटक कारखानों में हुई इसी तरह की घटनाओं में 43 श्रमिकों की जान चली गई है और उन्होंने राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाया कि ऐसी इकाइयों के सुरक्षा ऑडिट कराने के अनुरोधों के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
नागपुर जिले की कटोल तहसील के राउलगांव में खनन और औद्योगिक विस्फोटक निर्माता कंपनी एसबीएल एनर्जी की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में रविवार को हुए विस्फोट में कम से कम 19 श्रमिकों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए।
निलंबन प्रस्ताव पेश करते हुए वडेट्टीवार ने नागपुर विस्फोट की घटना को ‘‘दुखद और हैरानी वाला’’ बताया तथा विस्फोट को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की।
उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल और विस्तृत चर्चा की मांग की।
विधानसभा में इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि नागपुर जिले में 11 विस्फोटक कारखाने हैं और पिछले 18 महीनों में इनमें से कई इकाइयों में हुए विस्फोटों में 25 महिलाओं सहित 43 श्रमिकों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने रविवार सुबह हुई ताजा घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 20 मजदूर मारे गए, जिनमें से 19 महिलाएं थीं।
उन्होंने पूछा, “ये मजदूर 300 रुपये की दैनिक मजदूरी के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। क्या इस सरकार के लिए गरीबों की जिंदगी का कोई मूल्य नहीं है?”
कांग्रेस नेता ने कहा कि 15 लाख रुपये या 50 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा करने से खोई हुई जिंदगियां वापस नहीं आएंगी, मृतकों के परिजन सदमे में हैं।
उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) का कार्यालय घटनास्थल से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी निरीक्षण गंभीरता से नहीं किए जाते।
उन्होंने कारखाना निरीक्षणालय और श्रम विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
भाषा यासिर रंजन
रंजन

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