कांग्रेस की गुजरात इकाई ने गैर-मान्यता प्राप्त दलों को मिले चंदे की एसआईटी जांच की मांग की

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कांग्रेस की गुजरात इकाई ने गैर-मान्यता प्राप्त दलों को मिले चंदे की एसआईटी जांच की मांग की

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 05:27 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 05:27 PM IST

नागपुर, छह सितंबर (भाषा) कांग्रेस की गुजरात इकाई के प्रमुख अमित चावड़ा ने रविवार को कहा कि पार्टी ने 2023-24 में गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अत्यधिक मात्रा में चंदा मिलने संबंधी मीडिया में आई खबरों की एसआईटी जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि जांच से वरिष्ठ भाजपा नेताओं की संलिप्तता का पता चलेगा।

नागपुर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चावड़ा ने कहा कि ‘बीबीसी न्यूज हिंदी’ की एक विवेचना से पता चला है कि गुजरात में छह पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 2023-24 में भाजपा को छोड़कर सभी राष्ट्रीय दलों से अधिक चंदा मिला, जबकि उन छह दलों ने केवल एक या दो सीट पर ही चुनाव लड़ा था।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के अध्यक्ष चावड़ा ने गैर-मान्यता प्राप्त दलों को कथित तौर मिले चंदे को घोटालों का ‘‘मोदी मॉडल’’ बताया।

उन्होंने कहा कि मीडिया में आई खबरों के अनुसार, 2023-24 में गुजरात में छह पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को — भाजपा को छोड़कर — राष्ट्रीय दलों से भी अधिक चंदा मिला, जबकि उन्होंने चुनावों में सिर्फ एक या दो उम्मीदवार ही उतारे थे।

चावड़ा ने आरोप लगाया, ‘‘यही ‘मोदी मॉडल’ है — जिसमें घोटाले गढ़े जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दावा है कि ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’। लेकिन असलियत यह है कि वे करोड़ों से कम की बात ही नहीं करते।’’

उन्होंने दावा किया कि इनमें से कई गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल अपने पंजीकृत पते, घर या कार्यालय पर मौजूद ही नहीं हैं, फिर भी उनके खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘उनका खर्च कुछ लाख रुपये हैं जबकि उनकी कमाई करोड़ों में है। बार-बार खुलासा होने और प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद, कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है। आरोप है कि भाजपा से जुड़े लोग धन शोधन के लिए इन दलों के खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।’’

चावड़ा ने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि भविष्य में इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की जानी चाहिए। हमने यह भी मांग की है कि उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एसआईटी इस मामले की जांच करे। इससे वरिष्ठ भाजपा नेताओं की संलिप्तता भी सामने आएगी।’’

उन्होंने कहा कि गुजरात में लोगों की नाराजगी बढ़ रही है और इसका असर 2027 के विधानसभा चुनावों में दिखेगा।

चावड़ा ने कहा कि गुजरात में सत्ता और संपत्ति कुछ ही लोगों के फायदे के लिए केंद्रित होती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के लगभग आधे हिस्से में सूखे जैसे हालात के कारण किसान परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होना आम बात हो गई है, शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है और युवा बेरोजगार हैं।

उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर गुजरात सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि शराबबंदी के बावजूद, हाल ही में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की जान चली गई।

चावड़ा ने कहा, ‘‘कई इलाकों में पेयजल उपलब्ध नहीं है, लेकिन शराब और मादक पदार्थ आसानी से मिल जाते हैं। भाजपा की डबल-इंजन सरकार में गुजरात ‘उड़ता गुजरात’ बनता जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘जन आक्रोश यात्रा’ शुरू कर रही है। इस यात्रा के जरिए वे गुजरात के हर गांव में जाएंगे और किसानों, युवाओं और आदिवासी समुदायों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे, जिनके जल, जंगल और जमीन विकास के नाम पर छीने जा रहे हैं।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश