शिंदे के खिलाफ टिप्पणी मामले में मैंने सुनवाई स्थगित करने की मांग नहीं की : कुणाल कामरा

शिंदे के खिलाफ टिप्पणी मामले में मैंने सुनवाई स्थगित करने की मांग नहीं की : कुणाल कामरा

शिंदे के खिलाफ टिप्पणी मामले में मैंने सुनवाई स्थगित करने की मांग नहीं की : कुणाल कामरा
Modified Date: February 6, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: February 6, 2026 4:43 pm IST

मुंबई, छह फरवरी (भाषा) ‘स्टैंड-अप कॉमेडियन’ कुणाल कामरा ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपनी कथित टिप्पणियों के संबंध में महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति से सुनवाई को स्थगित किये जाने की मांग करने से इनकार किया और दावा किया कि समिति ने खुद ही पांच फरवरी की सुनवाई को स्थगित कर दिया था।

समिति ने कामरा और शिवसेना (उबाठा) नेता सुषमा अंधारे को शिंदे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में सुनवाई के लिए तलब किया था।

विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा के विधानपरिषद सदस्य प्रसाद लाड ने इससे पहले बताया था कि कामरा और अंधारे को बृहस्पतिवार अपराह्न दो बजे समिति के समक्ष सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया था, लेकिन उन दोनों ने इस तिथि पर हाजिर होने में असमर्थता जताई थी, इसके मद्देनजर उन्हें 17 फरवरी को पेश होने को कहा गया है।

कामरा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन खबरों को ‘‘गलत’’ बताया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने विशेषाधिकार समिति से सुनवाई स्थगित किये जाने की मांग की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पांच फरवरी को विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। मुझे 23 जनवरी को एक पत्र द्वारा समन जारी किया गया था, जो मुझे 29 जनवरी को प्राप्त हुआ था।’’

कॉमेडियन ने दावा किया कि वह समिति के समक्ष पेश होने के लिए सहमत हो गये थे और 30 जनवरी को अपने वकील के साथ खुद पेश होने की पुष्टि करते हुए एक ईमेल भेजा था।

कामरा ने बताया कि वह बुधवार को मुंबई गए थे, लेकिन उसी शाम उन्हें विधानसभा भवन के एक अधिकारी ने फोन पर बताया कि सुनवाई स्थगित की जानी है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद एक पत्र के जरिये स्थगन की पुष्टि की गई थी। समिति के पत्र से यह स्पष्ट होता है कि स्थगन मेरे अनुरोध पर नहीं हुआ था।’’

कामरा ने बताया कि उन्हें सुनवाई की अगली तारीख के बारे में सूचित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि खबरों के अनुसार यह 17 फरवरी को होनी है।’’

कामरा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘निष्पक्षता के लिए यह आवश्यक है कि रिकॉर्ड को सही किया जाए और यह स्पष्ट किया जाये कि मेरी ओर से कोई स्थगन नहीं मांगा गया था और मैं इस मामले में सहयोग करने के लिए अब भी तत्पर हूं।’’

उन्होंने बताया कि समिति द्वारा उन्हें भेजे गए सभी पत्रों में कार्यवाही को ‘‘गोपनीय’’ बताया गया है, लेकिन उन्हें भेजे गए नोटिस मीडिया में लीक हो गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि समिति के अध्यक्ष कार्यवाही में हो रहे घटनाक्रम के बारे में मीडिया को बयान दे रहे हैं।’’

भाजपा के विधानपरिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने शिवसेना नेता शिंदे के बारे में ‘‘अपमानजनक टिप्पणी’’ के लिए कामरा और अंधारे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। शिवसेना, भाजपा-नीत ‘महायुति’ का घटक दल है।

अक्सर अपने सत्ता-विरोधी विचारों के कारण विवादों में रहने वाले कामरा ने पिछले साल एक पैरोडी गीत में शिंदे को निशाना बनाया था, जिसमें उन्होंने बिना नाम लिये परोक्ष रूप से उन्हें ‘गद्दार’ कहा था।

विपक्षी शिवसेना (उबाठा) नेता अंधारे ने कामरा का समर्थन किया था।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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