वीडियो में बचाव अभियान के दौरान तेंदुए को पीटते दिखे शिवसेना विधायक, पशु संगठनों ने विरोध जताया

वीडियो में बचाव अभियान के दौरान तेंदुए को पीटते दिखे शिवसेना विधायक, पशु संगठनों ने विरोध जताया

वीडियो में बचाव अभियान के दौरान तेंदुए को पीटते दिखे शिवसेना विधायक, पशु संगठनों ने विरोध जताया
Modified Date: April 22, 2026 / 06:27 pm IST
Published Date: April 22, 2026 6:27 pm IST

मुंबई, 22 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के जलगांव में एक मादा तेंदुए के बचाव अभियान के दौरान शिवसेना विधायक चंद्रकांत पाटिल और अन्य लोगों द्वारा उसे कथित तौर पर पीटे जाने संबंधी वीडियो प्रसारित होने के बाद पशु अधिकार संगठनों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

‘पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया’ (पेटा इंडिया), ‘कंपेशन अनलिमिटेड प्लस एक्शन’ (सीयूपीए), वन्यजीव बचाव एवं पुर्नवास केंद्र (डब्ल्यूआरआरसी) और ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन’ (एफआईएपीओ) ने बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इस विवाद पर पाटिल की तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।

इन संगठनों ने जलगांव के उप वन संरक्षक (क्षेत्रीय) को भी एक याचिका सौंपकर आरोपियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की है।

खबरों के मुताबिक, मुक्ताईनगर में एक सरकारी अतिथि गृह के पास एक मादा तेंदुआ देखा गया था, जिसके बाद वनकर्मियों ने उसे बेहोश करने वाला इंजेक्शन (ट्रैंक्विलाइज़र) दिया। जैसे ही दवा का असर शुरू हुआ वहां मौजूद विधायक पाटिल सहित कुछ लोगों ने कथित तौर पर तेंदुए का पीछा किया और वन विभाग की टीम द्वारा उसे अपने कब्जे में लिये जाने से पहले उसे (तेंदुए) लाठियों से पीटा।

पेटा इंडिया ने अपने बयान में कहा, “यदि कोई भी, विशेष रूप से एक निर्वाचित प्रतिनिधि ही संरक्षित प्रजाति पर हमला करने वाली भीड़ में शामिल होता है और अधिकारियों के काम में हस्तक्षेप करता है तो अधिकारियों को उसके खिलाफ कड़ाई और तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए।”

संगठनों ने अधिकारियों से वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

भाषा

प्रचेता माधव

माधव


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