जब होना होगा तब हो जाएगा: राकांपा के गुट के विलय की अटकलों पर मंत्री भुजबल

जब होना होगा तब हो जाएगा: राकांपा के गुट के विलय की अटकलों पर मंत्री भुजबल

जब होना होगा तब हो जाएगा: राकांपा के गुट के विलय की अटकलों पर मंत्री भुजबल
Modified Date: July 30, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: July 30, 2026 3:31 pm IST

पुणे, 30 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों का विलय जब होना होगा, तब होगा और इस बारे में फैसला उनकी पार्टी की प्रमुख सुनेत्रा पवार की देखरेख में लिया जाएगा।

उनका यह बयान राकांपा (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार द्वारा दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों को खारिज करने के दो दिन बाद आया है।

मंगलवार को विलय की चर्चाओं के बारे में एक संवाददाता के सवाल का जवाब देते हुए पवार ने कहा, “इसका कोई मतलब नहीं है।”

राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री भुजबल शहर में भिडेवाड़ा में जारी काम का जायजा लेने आए थे, जहां समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों के लिए भारत का पहला विद्यालय शुरू किया था।

राकांपा के दोनों गुटों के विलय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (राकांपा) अध्यक्ष हैं, और उनके नेतृत्व में फैसला लिया जाएगा। मीडिया ही ऐसी अटकलों को हवा देता है, इसलिए इस पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। यह जब होना होगा, तब होगा। राजनीतिक नेता अलग-अलग मुद्दों पर एक-दूसरे से मिलते ही रहते हैं। लोकतंत्र में बातचीत हमेशा होनी चाहिए।”

पुणे नगर निगम (पीएमसी) के अधिकारियों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा, “…हम छात्रों को फुलेवाड़ा का इतिहास दिखाना चाहते हैं। फुलेवाड़ा के विस्तार के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर बैठकें की हैं, लेकिन काम संतोषजनक ढंग से पूरा नहीं हुआ है। हम जमीन देने के लिए तैयार हैं और हमने सभी जरूरी काम पूरे कर लिए हैं।”

फुलेवाड़ा, महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले का निजी आवास था। अब यह राज्य की संरक्षित धरोहर और एक संग्रहालय है, जो महिलाओं की शिक्षा और जातिगत समानता के क्षेत्र में उनके महान कार्यों का सम्मान करता है।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में