एक जैसे किरदार निभाने में कोई मजा नहीं: जयदीप अहलावत
एक जैसे किरदार निभाने में कोई मजा नहीं: जयदीप अहलावत
मुंबई, 20 अप्रैल (भाषा) अभिनेता जयदीप अहलावत का कहना है कि वह अपने अभिनय में हमेशा नायक और खलनायक की पारंपरिक छवियों से परे जाने और साधारण चरित्रों को भी परत दर परत खोलने की कोशिश करते हैं।
“गैंग्स ऑफ वासेपुर”, “रईस”, “पाताल लोक”, “ब्रोकन न्यूज”, “थ्री ऑफ अस”, “जाने जां” और “द फैमिली मैन 3” जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में अपने अभिनय से अलग पहचाने बनाने वाले अहलावत ने कहा कि उनकी एक जैसी भूमिकाएं निभाने में बहुत कम रुचि है।
पत्रकार से लेखक बने हुसैन जैदी की नवीनतम पुस्तक “माफिया क्वींस ऑफ इंडिया” के विमोचन के अवसर पर ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में अहलावत ने कहा, “मुझे अभी तक कोई साधारण या सपाट किरदार निभाने को नहीं मिला है। मेरा मानना है कि जब किसी चरित्र में कई परतें होती हैं, तो उसे निभाना एक सतही या एक-आयामी किरदार की तुलना में कहीं अधिक दिलचस्प हो जाता है। इसलिए, यदि किसी किरदार में परतें नहीं होती हैं, तो एक अभिनेता के रूप में मैं उसे विश्वसनीय बनाने के लिए उसमें कुछ तत्व या परतें जोड़ने की कोशिश करता हूं।”
“पाताल लोक” के अभिनेता ने कहा कि उनका दूसरा लक्ष्य अपने किरदारों को विश्वसनीय बनाना है।
उन्होंने कहा, “जिस भावना के साथ किरदार लिखा गया है, उसे दर्शकों तक पहुंचाना जरूरी है ताकि कहानी समझ में आए; अन्यथा वह नीरस हो जाती है। एक अभिनेता के रूप में मुझे लगता है कि चरित्र में जितनी अधिक परतें होंगी, चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक, उसे निभाने में उतना ही मजा आएगा।”
अहलावत हाल ही में निर्देशक सुदीप शर्मा की सीरीज “कोहरा 2” में एक संक्षिप्त भूमिका में नजर आये थे।
भाषा सुमित प्रशांत
प्रशांत

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