जायसवाल ने आरक्षित वनों और अभयारण्यों के विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन परोसे जाने का आग्रह किया
जायसवाल ने आरक्षित वनों और अभयारण्यों के विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन परोसे जाने का आग्रह किया
मुंबई, पांच फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री आशीष जायसवाल ने वन विभाग से आरक्षित वनों, अभयारण्यों और बाघ अभयारण्यों में स्थित विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन परोसे जाने की अनुमति देने का आग्रह किया है।
जायसवाल का तर्क है कि इस प्रतिबंध के कारण पर्यटक निजी होटलों की ओर रुख कर रहे हैं और वन राजस्व प्रभावित हो रहा है।
अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन) ऋषिकेश रंजन ने 27 जनवरी को वन विभाग और बाघ परियोजनाओं के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर उनके विचार मांगे हैं।
हालांकि, कुछ वन अधिकारियों ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसी सुविधाएं पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं और वहां मांसाहार की अनुमति देने से वन्यजीव संरक्षण को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने संरक्षित वन क्षेत्रों में मौजूदा मानदंडों में किसी भी प्रकार की ढील पर आपत्ति जताई है।
जायसवाल ने बृहस्पतिवार को संवादादाताओं से कहा, ‘महाराष्ट्र के वन विभाग और अन्य राज्यों की नीतियों में एकरूपता होनी चाहिए। बड़ी संख्या में अन्य राज्यों में घूमने जाने वाले पर्यटक इन सुविधाओं का लाभ उठाते हैं और उन्हें यहां भी वही सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि महाराष्ट्र को आर्थिक नुकसान न हो। कुछ पर्यटकों ने इस बारे में मुझसे शिकायत की थी।’
जायसवाल ने बताया कि उन्होंने इन शिकायतों पर राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक से चर्चा की है।
अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक रंजन ने कहा कि संबंधित विभागों से तत्काल राय लेने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने कहा, ‘वन विभाग के विश्राम गृहों में मांसाहारी भोजन परोसे जाने के उपरोक्त मुद्दे पर सभी को तुरंत अपनी राय देनी चाहिए।’
भाषा
राखी संतोष
संतोष

Facebook


