महाराष्ट्र: 68 लाख लाडकी बहिन खाते ई-केवाईसी अनुपालन न करने के कारण बंद

महाराष्ट्र: 68 लाख लाडकी बहिन खाते ई-केवाईसी अनुपालन न करने के कारण बंद

महाराष्ट्र: 68 लाख लाडकी बहिन खाते ई-केवाईसी अनुपालन न करने के कारण बंद
Modified Date: April 2, 2026 / 09:47 am IST
Published Date: April 2, 2026 9:47 am IST

मुंबई, दो अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र सरकार की महात्वाकांक्षी ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत लगभग 68 लाख खाते लाभार्थियों द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण बंद कर दिए गए, जिससे सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा 31 मार्च को समाप्त हो गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ायी गयी तारीख के बाद बंद किए गए खातों की संख्या में बदलाव हो सकता है।

एक अधिकारी ने बुधवार को बताया, ‘कुल 2.43 करोड़ खातों में से लगभग 68 लाख खाते निर्धारित अवधि के भीतर अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करने के कारण बंद कर दिए गए हैं।’

राज्य ने यह सत्यापन प्रक्रिया उन शिकायतों के बाद की, जिनमें कहा गया था कि पुरुष सदस्यों और सरकारी कर्मचारियों सहित अपात्र व्यक्तियों को इस योजना के तहत लाभ प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता प्रदान किया जाता है।

नवंबर 2025 से ई-केवाईसी प्रक्रिया को कई बार बढ़ाया जा चुका है।

सरकार लाभार्थियों को हर महीने लगभग 3,700 करोड़ रुपये वितरित करती है, जिसमें प्रत्येक पात्र महिला को 1,500 रुपये मिलते हैं। सक्रिय खातों में कमी के कारण, खर्च में बदलाव होने की उम्मीद है। 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए आवंटन 26,000 करोड़ रुपये है, जबकि 2025-26 में यह 36,000 करोड़ रुपये था।

लाडकी बहिन योजना को महायुति सरकार द्वारा 2024 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले शुरू किया गया था।

सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, मराठी में पूछे गए एक प्रश्न के गलत उत्तरों के कारण 24 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले सरकारी कर्मचारी के रूप में चिह्नित किया गया था। जांच के बाद इनमें से लगभग 20 लाख खाते पात्र पाए गए, जबकि शेष मामलों का सत्यापन जारी है।

सरकार ने अपात्र पाए गए लाभार्थियों से धनराशि वसूल न करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि योजना बंद नहीं की जाएगी।

भाषा तान्या गोला

गोला


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