महाराष्ट्र: बच्चे ने निगल ली जन्मदिन के केक में लगी धातु की पिन

महाराष्ट्र: बच्चे ने निगल ली जन्मदिन के केक में लगी धातु की पिन

महाराष्ट्र: बच्चे ने निगल ली जन्मदिन के केक में लगी धातु की पिन
Modified Date: June 10, 2026 / 09:35 pm IST
Published Date: June 10, 2026 9:35 pm IST

ठाणे, 10 जून (भाषा) ठाणे में एक बच्चे के जन्मदिन का जश्न उस समय परिवार के लिए एक बुरे सपने में बदल गया, जब उसने अपने केक में कथित रूप से लगी धातु की पिन निगल ली। बच्चे की मां ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में यह जानकारी दी।

यह घटना 31 मई की है, जब परिवार ने तीन वर्षीय रेयांश के लिए शहर की एक बेकरी से केक मंगवाया था।

हालांकि, बच्चे का जन्मदिन एक जून को था, लेकिन रविवार होने के कारण रिश्तेदारों की सुविधा के लिए परिवार ने एक दिन पहले ही इसे मनाया था।

मां ने बताया, ‘वह अपना पसंदीदा केक देखकर बहुत खुश था। उस पर सुनहरे रंग की पिन लगी हुई थी।’

उन्होंने बताया कि बच्चा खुद ही केक खाने लगा था।

परिवार इस बात से पूरी तरह अनजान था कि केक पर सजावट के लिए लगाई गई हर पिन को सहारा देने के लिए उसके अंदर कथित रूप से धातु के तार लगाए गए थे।

मां का आरोप है कि केक विक्रेता ने ऑर्डर देने या केक सौंपते समय इस छिपे हुए धातु के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी थी।

परिवार का ध्यान इस खतरे की ओर तब गया, जब घर के दो बड़े बच्चों ने केक का टुकड़ा मुंह में लिया और उनके माता-पिता ने अंदर ‘किसी सख्त चीज’ के होने की बात कही।

मां ने बताया कि जब केक विक्रेता से इस बारे में पूछा गया, तो उसने पुष्टि की कि केक में धातु के तारों का इस्तेमाल किया गया था।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘रेयांश इसे निगल चुका था। हमने उसके जन्मदिन की पूर्व संध्या केक, परिवार और खुशियों के साथ मनाई थी।’

उन्होंने केक में धातु के टुकड़े मिलने की बात को ‘अपने जीवन का सबसे बुरा सपना’ बताया।

मां ने कहा कि यह घटना जानलेवा भी हो सकती थी।

उन्होंने केक विक्रेताओं से अपील की कि वे सजावट में इस्तेमाल होने वाली ऐसी सामग्रियों के बारे में पहले ही जानकारी दें जो खाने योग्य नहीं होती हैं।

उन्होंने माता-पिता से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को केक परोसने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें।

इस मामले में अभी तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

माता-पिता के अनुसार, बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने कहा कि शरीर के अंदर गई यह बाहरी वस्तु खुद बाहर निकल जाएगी; और अंततः ऐसा ही हुआ।

भाषा सुमित सुभाष

सुभाष


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